चंडीगढ़, 07 अक्टूबर । पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत एक पटवारी और उसके एजेंट 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पटवारखाना लोहारा, जिला लुधियाना में तैनात पटवारी अंकुर कटारिया और उसके एजेंट राजा के खिलाफ न्यू राम नगर, लोहारा, जिला लुधियाना की निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने बैंक ऋण लेने के लिए अपने मकान का 30 वर्ष का स्वामित्व रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए पटवारी अंकुर कटारिया से संपर्क किया था। पटवारी ने उसे राजा नामक बिचौलिए से संपर्क करने के लिए कहा।
उन्होंने बताया कि एजेंट राजा ने मकान का स्वामित्व रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के बदले 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की। उसने मौके पर ही पहली किश्त के रूप में 1,000 रुपये ले लिए और शेष 4,000 रुपये रिकॉर्ड उपलब्ध करवाते समय लेने पर सहमति जताई। रिश्वत देने के लिए सहमत न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पटवारी और उसके एजेंट को शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
इस संबंध में आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत विजिलेंस ब्यूरो थाना, लुधियाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।