फर्रुखाबाद: गंगा तटबंध की मांग पर उबाल, सुनवाई न होने पर बाजार बंद की चेतावनी

फर्रुखाबाद, 25 दिसंबर। गंगा नदी के किनारे तटबंध निर्माण की मांग को लेकर गंगा पार क्षेत्र में आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की एक अहम बैठक राजेपुर ब्लॉक के ग्राम इमादपुर सोमवंशी में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर गहरा रोष जताया गया और चेतावनी दी गई कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो पूरे क्षेत्र के सभी बाजार बंद कराए जाएंगे।

बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि गंगा के तटों पर तटबंध निर्माण क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा। वर्षों से हर साल आने वाली बाढ़ ने लोगों के जीवन, खेती और आजीविका को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने कहा कि लोग लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।

तटबंध जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि गंगा पार का इलाका हर साल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होता है। फसलें नष्ट हो जाती हैं, घर उजड़ जाते हैं और लोगों को बार-बार विस्थापन झेलना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से मुंह मोड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जल्द तटबंध निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और क्षेत्र के समस्त बाजार बंद कराकर शासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

समाजसेवी एवं पूर्व प्रबंधक स्वर्ण सिंह ने कहा कि गंगा पार क्षेत्र के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया गया है। विकास के नाम पर यह इलाका लगातार पिछड़ता चला गया है। उन्होंने कहा कि इसी उपेक्षा के चलते कभी-कभी लोग जिले को विभाजित कर अन्य जिलों में शामिल करने की मांग तक करने लगते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की हालत देखी जा सकती है। हर साल उजड़ना और फिर बसना लोगों की नियति बन चुका है। उनकी सूनी आंखें बिना कुछ कहे ही बहुत कुछ बयान कर देती हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से बचने का एकमात्र उपाय तटबंध निर्माण है।

प्रसिद्ध रामकथा प्रवक्ता आचार्य अमरीश जी महाराज ने कहा कि तटबंध बनने से पूरे क्षेत्र में खुशहाली आएगी। लोगों की परेशानियां कम होंगी और खेतों में फिर से फसलें लहलहाएंगी। उन्होंने सभी से एकजुट होकर इस जनहित की लड़ाई को जीतने का आह्वान किया।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केवल नेताओं के पीछे घूमने से कुछ हासिल नहीं होगा। जब तक जनता खुद सड़क पर उतरकर संघर्ष नहीं करेगी, तब तक तटबंध निर्माण संभव नहीं है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने कहा कि बाढ़ का हर साल आना और पूरे क्षेत्र में तबाही मचाना अब सामान्य बात बन चुकी है। इससे निजात पाने के लिए तटबंध अत्यंत आवश्यक है।

अन्य वक्ताओं ने भी आंदोलन को हरसंभव समर्थन देने का भरोसा दिलाया। रूकमांगल सिंह यादव, कप्तान सिंह कुशवाहा, सुभाष अग्रवाल और नारायण अग्रवाल ने कहा कि पूरा क्षेत्र एकजुट है और जब तक तटबंध नहीं बनेगा, संघर्ष जारी रहेगा। बैठक का संचालन प्रशांत पाठक ने किया।

बैठक में अखिलेश तिवारी, योगेंद्र प्रसाद त्रिवेदी, अनूप प्रधान, विष्णु मिश्रा, श्यामेंद्र दुबे, अवधेश सिंह सोमवंशी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने एकमत से आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।