अहमदाबाद, 28 दिसंबर। गुजरात के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में स्थित भारत ओलंपिक अनुसंधान और शिक्षा केंद्र (बीसीओआरई) ने ओलंपिक शिक्षा, खेल अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। यह घोषणाएं शनिवार को अहमदाबाद के कर्णावती क्लब में आयोजित एक मीडिया संवाद के दौरान की गईं।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आरआरयू के कुलपति डॉ. बिमल एन. पटेल ने की। उनके साथ स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स के निदेशक यश शर्मा और बीसीओआरई के निदेशक डॉ. उत्सव चावरे भी उपस्थित रहे। मीडिया संवाद में विश्वविद्यालय की खेल, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से रखा गया।
बीसीओआरई की स्थापना जून 2024 में हुई थी। यह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से मान्यता प्राप्त भारत और दक्षिण एशिया का पहला ओलंपिक अध्ययन केंद्र है। यह केंद्र ओलंपिक मूल्यों, खेल प्रशासन, शिक्षा और शोध के जरिए भारत में ओलंपिज्म को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल 2029 की मेजबानी
मीडिया संवाद की सबसे बड़ी घोषणा विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल 2029 को लेकर की गई। आरआरयू इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की आठ खेल स्पर्धाओं की मेजबानी करेगा। यह पहला अवसर होगा जब भारत ओलंपिक-शैली के इस वैश्विक खेल आयोजन का हिस्सा बनेगा। इसमें दुनिया भर से पुलिस और अग्निशमन सेवाओं से जुड़े हजारों खिलाड़ी भाग लेंगे।
खेलों के सफल आयोजन के लिए आरआरयू ने एक समर्पित सचिवालय की स्थापना की है, जो योजना, रसद, स्थल प्रबंधन और एथलीट सेवाओं का समन्वय करेगा। इसके साथ ही लगभग 500 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का एक विशेष कैडर भी तैयार किया जा रहा है।
आरआरयू के पास अत्याधुनिक मानव प्रदर्शन प्रयोगशाला है, जहां अब तक 4,070 से अधिक लोगों का परीक्षण और 50 से ज्यादा शोध अध्ययन पूरे किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय एक स्पोर्ट्स इंडोर कॉम्प्लेक्स और एंटी-डोपिंग प्रयोगशाला भी विकसित कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और नाइट रन
दूसरी महत्वपूर्ण पहल के तहत द्वितीय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अनुसंधान सम्मेलन (IORC 2026) की घोषणा की गई, जो 27 से 30 जनवरी तक आरआरयू में आयोजित होगा। इसमें भारत और विदेशों से खेल विशेषज्ञ, शोधकर्ता, नीति निर्माता और ओलंपिक संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
इसके अलावा बीसीओआरई नाइट रन 2026 का भी ऐलान किया गया, जो 10 जनवरी को गांधीनगर में आयोजित होगी। यह आयोजन आम नागरिकों, कानून प्रवर्तन कर्मियों और पैरा-एथलीटों को एक साथ जोड़ते हुए फिटनेस, सुरक्षा और ओलंपिक मूल्यों का संदेश देगा।
कुलपति डॉ. बिमल पटेल ने कहा कि आरआरयू केवल एथलीट ही नहीं, बल्कि मजबूत ज्ञान प्रणाली, अनुसंधान क्षमता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी विकसित कर रहा है, जो भारत के खेल भविष्य को नई दिशा देगी।