लखनऊ, 28 जनवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने बुधवार काे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा दिशा-निर्देश दिए। उन्हाेंने धीमी प्रगति वाले जिलाें के जिलाधिकारियाें काे विशेष प्रयास करने के लिए निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी जिलों में तेजी से आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेष बचे सभी पात्र सदस्यों के कार्ड निर्माण हेतु एक प्रभावी रणनीति तैयार कर उसे तत्काल लागू किया जाए। सभी जिलों को आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए नई ऑपरेटर आईडी जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। अधिक संख्या में ऑपरेटर आईडी उपलब्ध होने से जिला स्तर पर अधिक से अधिक कार्ड बनाए जा सकेंगे। उन्होंने प्रत्येक जिले में न्यूनतम 1000 ऑपरेटर आईडी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा प्रतिदिन कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जारी ऑपरेटर आईडी सक्रिय रहें। खराब प्रदर्शन या लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 20 जिलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिलाधिकारियों द्वारा गहन एवं नियमित समीक्षा नहीं की जाएगी, तब तक अपेक्षित प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी 31 मार्च 2026 तक बनाने के लिए प्रतिदिन आवश्यक फार्मर आईडी के लक्ष्य के अनुसार दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सभी संबंधित कर्मियों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर पर आयुष्मान भारत योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारी पूर्ण तत्परता के साथ कार्य करें। राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में 15 लाख नई घरौनियों के वितरण का प्रस्ताव है। उन्होंने सभी जनपदों को अपने-अपने स्तर पर गैप का आकलन करने तथा अधिक से अधिक घरौनियों का निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईएमएलसी के विस्तारीकरण के संबंध में निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जहां यूपीडा द्वारा नवीन एक्सप्रेस-वे अथवा लिंक एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं और पूर्व में आईएमएलसी हेतु चिन्हांकन नहीं किया गया है, ऐसे 9 जनपद—मैनपुरी, फर्रुखाबाद, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली एवं मुजफ्फरनगर—में प्रति जनपद 1000 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन 15 दिवस के भीतर पूर्ण किया जाए। भूमि चिन्हांकन के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि भूखंड बड़े हों तथा निर्माणाधीन या प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय अथवा राज्यीय राजमार्गों से अच्छी कनेक्टिविटी हो, जिससे औद्योगिक क्षेत्र तक आवागमन सुचारू रूप से हो सके।
बैठक में अवगत कराया गया कि अब तक पीएम किसान योजना के अंतर्गत 64 प्रतिशत लाभार्थियों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। 01 जनवरी से 27 जनवरी के मध्य फार्मर रजिस्ट्री में सर्वाधिक पंजीकरण करने वाले जिलों में मिर्जापुर, हरदोई, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बिजनौर, चंदौली, बुलंदशहर, आजमगढ़, प्रतापगढ़ एवं मऊ शीर्ष स्थान पर रहे। ओवरऑल प्रगति में रामपुर जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, जहां 86.12 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। इसके बाद हरदोई 81.76 प्रतिशत के साथ द्वितीय एवं अम्बेडकर नगर 81.20 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर है।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 90,530 ग्रामों के सापेक्ष 72,961 ग्रामों (80.59 प्रतिशत) में घरौनी तैयार किए जाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 73,121 ग्रामों में प्रपत्र-7 जेनरेट किया जा चुका है। शेष ग्रामों में कार्य विभिन्न चरणों में प्रक्रियाधीन है। लगभग 10,000 ग्रामों में स्थलीय पड़ताल का कार्य 20 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने हेतु जनपदवार रोस्टर के अनुसार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 18 जनवरी के उपरांत अब तक 13,12,456 घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। प्रदेश में स्वामित्व योजना का कार्य जून 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। उल्लेखनीय है कि देशभर में स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार की गई कुल 2,74,03,046 घरौनियों में से 41 प्रतिशत से अधिक (1,14,43,688) घरौनियां अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार की गई हैं।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।