जयपुर, 29 दिसंबर । इस बुधवार को साल की अंतिम एकादशी मनाई जाएगी, जिसके अवसर पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। एकादशी व्रत विशेष रूप से विष्णु भक्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे साल में कई बार मनाया जाता है। साल की अंतिम एकादशी पर भक्त विशेष रूप से व्रत, पूजा और भजन-संकीर्तन में भाग लेते हैं।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए मंदिरों में आएं। इसके साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल और भीड़ नियंत्रण के उपायों को भी सुनिश्चित किया जाएगा। मंदिरों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें भजन, कीर्तन और कथा वाचन शामिल होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि साल की अंतिम एकादशी का व्रत करने से मनोकामना पूरी होने और मानसिक शांति प्राप्त होने की मान्यता है। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में जुटना शुरू कर देंगे और दिनभर पूजा-अर्चना, दान और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।
मंदिर अधिकारियों ने कहा कि इस दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जैसे साफ-सफाई, जल और प्रसाद की व्यवस्था, साथ ही सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी यातायात और पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित की है, ताकि भक्त आसानी से मंदिर पहुंच सकें।
भक्त इस अवसर पर परिवार और मित्रों के साथ मंदिर पहुंचते हैं और व्रत के नियमों का पालन करते हुए दिनभर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हैं। साल की अंतिम एकादशी को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल पूरे शहर और आसपास के गांवों में देखा जा सकता है।