हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। लंबे समय से जारी ड्राई स्पेल अब टूट सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके असर से राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक लगातार चार दिन मौसम खराब बना रह सकता है। हालांकि 29 दिसंबर को मौसम साफ रहेगा और 3 जनवरी से फिर आसमान खुलने की संभावना है। इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा, मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
हिल स्टेशनों शिमला, कुफरी और मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी होने की उम्मीद है, जिसका पर्यटक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। खास बात यह है कि शिमला में लगातार चौथे साल दिसंबर में बर्फबारी नहीं हुई, जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। मौसम में बदलाव से होटल और पर्यटन उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों को भी फायदा हो सकता है। सेब और अन्य फसलों के लिए ठंड और नमी बेहद जरूरी मानी जाती है, जिससे फसलों की गुणवत्ता बेहतर होती है।
दूसरी ओर, मौसम बदलने के साथ निचले और मैदानी इलाकों में घने कोहरे की समस्या भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने मंडी और बिलासपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रह सकती है। हाल ही में बिलासपुर में दृश्यता घटकर 50 मीटर और सुंदरनगर में 70 मीटर तक दर्ज की गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ।
ठंड का असर भी लगातार बढ़ रहा है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5.4 डिग्री और ताबो में माइनस 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 9.0, कुफरी में 6.8 और मनाली में 3.5 डिग्री रहा। खास बात यह है कि हमीरपुर में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो कई दिनों से शिमला से भी कम बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड और बढ़ सकती है तथा तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।