भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाएगी भाजपा

नई दिल्ली: भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस वर्ष भी सुशासन दिवस के रूप में मनाएगी। पार्टी ने इसके लिए देशभर में विविध कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा तैयार की है। भाजपा नेताओं के अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य वाजपेयी जी के सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।

सुशासन दिवस का महत्व

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था। उनका कार्यकाल पारदर्शी प्रशासन, विकासोन्मुखी नीतियों और संवाद आधारित राजनीति के लिए जाना जाता है। भाजपा का मानना है कि सुशासन दिवस के माध्यम से जनता को यह याद दिलाया जाएगा कि वाजपेयी जी ने किस तरह लोकतंत्र को मजबूती दी और शासन को जनसेवा का माध्यम बनाया।

देशभर में कार्यक्रमों की श्रृंखला

भाजपा के अनुसार, सुशासन दिवस के अवसर पर सभी राज्यों, जिलों और मंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में संगोष्ठियां, प्रदर्शनी, श्रद्धांजलि सभाएं और जनसंवाद शामिल होंगे। पार्टी कार्यकर्ता वाजपेयी जी के जीवन, विचारों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा करेंगे।

वाजपेयी जी की नीतियों पर फोकस

कार्यक्रमों के दौरान वाजपेयी सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा। इनमें स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, परमाणु नीति में निर्णायक भूमिका, पड़ोसी देशों के साथ संवाद और आर्थिक सुधारों को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि वाजपेयी जी का नेतृत्व आज भी सुशासन का आदर्श मॉडल है।

युवा और सामाजिक संगठनों की भागीदारी

भाजपा ने युवाओं, छात्रों और सामाजिक संगठनों को भी सुशासन दिवस कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना बनाई है। सोशल मीडिया के जरिए भी वाजपेयी जी के विचारों और भाषणों को साझा किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके।

श्रद्धांजलि और संकल्प

भाजपा नेतृत्व ने कहा कि सुशासन दिवस केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। पार्टी का दावा है कि वाजपेयी जी के सुशासन के सिद्धांत आज भी सरकार की नीतियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।