इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सामने आए मारपीट के मामले को लेकर मरीज के परिजनों में रोष व्याप्त है। शुक्रवार को पीड़ित मरीज के परिजन पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि आईजीएमसी परिसर में उनके मरीज के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि मारपीट भी की गई। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद कुछ लोगों ने मरीज और उसके साथ आए परिजनों के साथ हाथापाई की। इस घटना से अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि अस्पताल में मरीज पहले से ही शारीरिक और मानसिक तनाव में होते हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कर घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयान के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, अस्पताल प्रशासन से भी रिपोर्ट तलब की जाएगी।
उधर, इस घटना के बाद आईजीएमसी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए और विवाद की स्थिति में त्वरित हस्तक्षेप की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि अस्पताल को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।