जसबीर ने कहा: शबद गायन में जत्थेदार की बात मानेंगे

घटना का संक्षिप्त अवलोकन

मशहूर पंजाबी गायक जसबीर जस्सी हाल ही में एक धार्मिक समारोह में शबद गायन के कारण चर्चा में आए। इस मामले पर अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रतिक्रिया दी। जत्थेदार ने कहा कि सिख धर्म और परंपरा के अनुसार केवल पूर्ण सिख ही कीर्तन कर सकता है। बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा वायरल हो गया और लोग अपनी राय दे रहे थे।

जसबीर जस्सी की स्पष्टीकरण पोस्ट

जसबीर जस्सी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट पोस्ट जारी किया। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक मसलों पर टिप्पणी नहीं करते। धार्मिक मामलों में भी उनकी टिप्पणी सीमित रहती है। भाई हरजिंदर सिंह साहिब की वीडियो देखने से उन्हें लगा कि बोलना चाहिए। उन्होंने हरजिंदर साहिब को धन्यवाद दिया कि उन्होंने मुद्दा उठाया और गुरबानी से बच्चों को जोड़ा। ज्ञानी कुलदीप सिंह के अनुसार अकाल तख्त से जुड़े मसलों में जत्थेदार की मर्यादा का सम्मान जरूरी है, और जो कहा गया वही मानेंगे। समुदाय ने भी कहा कि साख बनाए रखना जरूरी है।

अकाल तख्त और गुरु ग्रंथ साहिब के संदर्भ

जसबीर ने अपने संदेश में Akal Takht के मान-सम्मान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जत्थेदार की बातों का सम्मान होगा और निर्देशानुसार ही उपस्थित रहेंगे। गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं को सभी तक पहुँचाने के लिए वे गुरबानी से जुड़े कार्यक्रमों के पक्ष में हैं। यह उनका स्पष्ट मानना है कि यह कार्य सभी के लिए है, न कि अपनी लोकप्रियता के लिए।

सामाजिक संदेश और भविष्य की राह

जसबीर ने संगत से कहा कि जत्थेदार के बारे में नकारात्मक टिप्पणी न करें। घरेलू मोर्चे पर मतभेद से बाहर रहें ताकि बाहरी लोग फायदा न उठा लें। कुछ कमेंट जस्बीर के पक्ष में थे, पर कुछ असहज कर देने वाले थे। पंजाब की ऐतिहासिक विरासत हमारे लिए प्रेरणा है। पंजाब में गुरु नानक से गुरु तेग बहादुर तक का इतिहास हमारे लिए पूरक है। उनका कहना है कि गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं को सभी तक पहुँचाने की नीति है, न शोहरत या पैसा पाने की। हम इसे हिन्दू, सिख, मुस्लिम, ईसाई, जैन या बौद्ध सभी तक पहुँचाते रहेंगे। यह गुरुग्रंथ साहिब से जुड़ा खजाना है और इसे सभी तक पहुँचाने की जिम्मेदारी हमारी है।

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