मोहाली: बुजुर्ग की संदिग्ध मौत, करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप

घटना का संदर्भ

पंजाब के मोहाली जिले में जमीन हड़पने की कथित साजिश के बीच बुजुर्ग की संदिग्ध मौत हो गई है। एसएसपी मोहाली ने मामले की एफआईआर की मंजूरी दी है और जांच के आदेश दिए हैं। परिवार के अनुसार, बहादुर सिंह किडनी रोग से पीड़ित थे और PGI चंडीगढ़ में डायलिसिस पर थे। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार पर वर्षों से दबाव था, यह बताया गया है। 21 मार्च 2025 को मनप्रीत कौर नामक महिला उनसे मिली और भरोसा जीत लिया। उसने कहा कि सिर्फ फोटो और दस्तखत करवाने हैं। इसके बाद दो रजिस्ट्रियां कर दी गईं, एक घड़ुआं ग्राम की 6 बीघा 14 बिस्वा जमीन और दूसरी पीर सोहाणा की 3 कनाल 1 मरला जमीन। ये जमीनें मनजिंदर सिंह के नाम कर दी गईं, और कई करोड़ रुपये के मामले कम दिखाए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बहादुर सिंह को पारा दिया गया ताकि मौत हो जाए। पारा देने से उनकी हालत और बिगड़ी और 23 मार्च 2025 को वे दम तोड़ गए। जाँच में यह धारणा प्रथम दृष्टया सही पाई गई है कि साजिश के तहत पारा दिया गया था।

जांच और एफआईआर

डीएसपी खरड़-1 की शुरुआती जांच ने आरोपों को गंभीर माना है। एसएसपी मोहाली के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।अभियुक्तों में दिलबर सिंह ढिल्लों, गुरमीत सिंह, दिलेर सिंह उर्फ लक्की, मनप्रीत कौर, धर्मिंदर सिंह और बलजीत सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रजिस्ट्रियां और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है।फॉरेंसिक परीक्षण और स्थल निरीक्षण से खामियाँ सामने आने की उम्मीद है। परिवार ने मौत के कारणों पर स्पष्ट फॉरेंसिक रिपोर्ट की मांग की है।

पीड़ित परिवार की मांग और सामाजिक असर

परिवार ने रजिस्ट्रियों को रद्द करने और भूमि की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। गोत्रीय दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन से जुड़े कागजात की भी कानूनी जाँच हो। घटना से गांव में डर, भय और सामाजिक तनाव बढ़ गया है। स्थानीय बाजार पर भी आक्रोश और व्यापारिक गतिविधियों पर असर दिखा। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी रखने का आश्वासन दिया। आरोपितों के दायरे में आने पर कड़ी सजा का संकेत दिया गया है। लोगों में न्याय की उम्मीद बनी है और डर कम हो रहा है। घटना से जुड़े कागजात देखने की मांग बढ़ी है और पारदर्शिता पर जोर है।

आगे की दिशा और आधिकारिक प्रवृत्ति

पुलिस आयुक्तालय ने मामले की गहन छानबीन का संकेत दिया है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित सुनवाई की बात कही जा रही है। यह मामला साझा कानून व्यवस्था और भूमि नियमों की सुरक्षा से जुड़ा है। न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए न्यायालयों से समय पर सुनवाई की मांग है। प्रमुख हितधारक यह मामला सामाजिक आस्थाओं और विकास पर प्रभाव डाल सकता है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए वकील और समुदाय साथ आ रहे हैं।

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