राम रहीम 15वीं बार जेल से बाहर? 40 दिन की पैरोल से सियासी हलचल तेज

रोहतक/सिरसा: साध्वी यौन शोषण और हत्या के मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। हरियाणा सरकार ने राम रहीम की 40 दिन की पैरोल याचिका को मंजूरी दे दी है। 4 जनवरी 2026 को आई इस खबर के मुताबिक, राम रहीम अब रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आएंगे।

15वीं बार जेल से बाहर आने का रिकॉर्ड

2017 में बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद से यह 15वां मौका है जब राम रहीम जेल की सलाखों से बाहर आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 8 वर्षों में वह करीब 400 से अधिक दिन पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर बिता चुके हैं। इससे पहले उन्हें अगस्त 2025 में भी 40 दिन की पैरोल दी गई थी।

पैरोल की शर्तें और स्थान

जानकारी के अनुसार, इस बार भी राम रहीम को कड़ी शर्तों के साथ पैरोल मिली है।

  • वे अपनी पैरोल की अवधि उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम या सिरसा मुख्यालय में बिता सकते हैं (आधिकारिक आदेशानुसार)।

  • रिहाई के दौरान उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों, राजनीतिक भाषणों और बिना अनुमति के क्षेत्र छोड़ने की पाबंदी रहेगी।

  • ऑनलाइन सत्संग या संबोधन पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

विवादों में पैरोल की टाइमिंग

राम रहीम की बार-बार मिलने वाली पैरोल हमेशा विवादों का केंद्र रही है। विपक्षी दलों और कई सिख संगठनों (जैसे SGPC) ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि एक गंभीर अपराधी को बार-बार पैरोल देना न्याय प्रणाली का मजाक है। हालांकि, हरियाणा सरकार और जेल प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट, 2022 के नियमों के तहत लिया गया है, जिसमें अच्छे आचरण वाले कैदियों को साल में 90 दिन तक की अस्थाई रिहाई का अधिकार है।

कानूनी पृष्ठभूमि

राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से दुष्कर्म के लिए 20 साल की जेल हुई थी। इसके अलावा, उन्हें पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।