बिचौलिये की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जांच एजेंसी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आरोपी को जमानत दिए जाने का विरोध किन ठोस आधारों पर किया जा रहा है। इस फैसले के बाद मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी बिचौलिया कथित रूप से एक बड़े घोटाले में शामिल बताया जा रहा है और फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वह लंबे समय से जेल में बंद है, जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
वहीं, CBI ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी जांच को प्रभावित कर सकता है और गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका है। एजेंसी का यह भी तर्क है कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और मामले में कई अहम कड़ियां अभी सामने आनी बाकी हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद CBI को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत पर फैसला तथ्यों, जांच की स्थिति और आरोपी की भूमिका को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
अब अगली सुनवाई में CBI को अपना विस्तृत पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर आगे की जांच और अन्य आरोपियों पर भी पड़ सकता है।