जोधपुर, 11 जनवरी । राजस्थान में आयोजित त्रिसर्ग स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव ने उद्यमियों और निवेशकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। इस कॉन्क्लेव में बताया गया कि आगामी वर्षों में राज्य में लगभग 500 करोड़ रुपये के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई तकनीक, नवाचार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में राज्य सरकार, निवेशक समुदाय और सफल स्टार्ट-अप संस्थापकों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि यह कॉन्क्लेव उद्यमियों के लिए नेटवर्किंग, प्रशिक्षण और फंडिंग के अवसर उपलब्ध कराने का मंच है। कई पैनल डिस्कशन और वर्कशॉप्स में स्टार्ट-अप की चुनौतियों, निवेश की रणनीतियों और डिजिटल इंडिया के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य वक्ताओं ने कहा कि 500 करोड़ रुपये के निवेश से न केवल नए व्यवसाय स्थापित होंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को भी बल मिलेगा। स्टार्ट-अप्स को सरकारी और निजी फंडिंग तक पहुंच देने के लिए एक समग्र इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें मेंटरशिप, मार्केटिंग सपोर्ट और तकनीकी सहयोग शामिल होंगे।
कॉन्क्लेव में उपस्थित उद्यमियों ने कहा कि इस पहल से छोटे और मध्यम व्यवसायों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का मौका मिलेगा। इसके साथ ही, युवाओं को अपने विचारों को निवेशकों के सामने पेश करने और उन्हें व्यावसायिक रूप देने का मंच भी मिलेगा।
आयोजकों ने आश्वासन दिया कि आगामी सालों में इस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए स्टार्ट-अप हब, इनक्यूबेटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए जाएंगे। यह राज्य की आर्थिक वृद्धि और नवाचार संस्कृति को नई दिशा देगा।