पौड़ी गढ़वाल, 12 जनवरी । जिले के जिलाधिकारी (DM) ने ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर पर्यटन, मत्स्य पालन और स्वरोजगार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस उद्देश्य से आयोजित बैठक और जन संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें स्थानीय समस्याओं, संभावनाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल के आधार पर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि गांवों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, संपर्क मार्गों और प्रचार-प्रसार की योजनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए।
मत्स्य पालन को लेकर ग्रामीणों ने तालाबों की सफाई, बीज और चारे की उपलब्धता तथा प्रशिक्षण की जरूरतें सामने रखीं। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि सरकारी योजनाओं के तहत किसानों और युवाओं को तकनीकी सहायता, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वरोजगार के मुद्दे पर स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और महिलाओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं—जैसे मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूह और कौशल विकास कार्यक्रम—का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और समय पर ऋण व सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया और कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।