होशियारपुर के उमरपुर में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत
होशियारपुर जिले के मुकेरिया क्षेत्र के उमरपुर गांव में दुखद घटना सामने आई है. यहां एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई. मृतक की पहचान अजय गिल के रूप में दर्ज हुई है. परिवार के अनुसार अजय बेहोश पाया गया और उसकी बाजू में एक सुई लगी मिली. अजय की माँ ने भी इस बात की पुष्टि की है. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. वे आरोप लगाते हैं कि पुलिस इसे रोकने में नाकामयाब साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पंजाब की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी. गांववालों ने कहा कि नशा बिक रहा है और यह एक संगठित नेटवर्क है. घटनास्थल के पास के लोग इस स्थिति को नियंत्रण से बाहर मानते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार नशे का कारोबार और पुलिस की भूमिका
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. वे कहते हैं कि पुलिस इसे रोकने में नाकाम है. उनके अनुसार नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई तेज नहीं होती तो पंजाब की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी. गांव वालों ने यह भी कहा कि नशे का प्रमाण एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, न कि केवल व्यक्तिगत अपराध. उन्होंने सरकार से साफ संदेश दिया कि ऐसे कारोबार पर ठोस रोक जरूरी है. स्थानीय तंत्र से निरंतर निगरानी और सख्त कानून बनने चाहिए, यह उम्मीद बताई जा रही है. इस मामले पर समुदाय ने नशा रोकने के लिए सतर्क रहने की बात दोहराई.
परिवार की मांग और आरोप: पुलिस–ड्रग लिंक पर नाराजगी
परिवार ने सरकार से नारायणी कार्रवाई की मांग दोहराई है और कहा है कि नशे के खिलाफ कड़ा कदम उठाने चाहिए. उनका कहना है कि नौजवान पीढ़ी खतरे में है अगर सही उपाय नहीं किए जाते. मृतक की माँ ने पहले भी बेटे को नशे से दूर रखने की अपील की थी. परिवार ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस कभी-कभी नशे बेचने वालों के साथ मिली हुई नजर आती है, जिसे वे अत्यंत गंभीर मानते हैं. उन्होंने डीलरों के खिलाफ प्रभावी गिरफ्तारी और जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने सुरक्षा और सहायता के पथ पर ठोस कदम उठाने की भी मांग रखी है. यह सब एक संदेश है कि सरकार और पुलिस को नशे के खिलाफ कड़ी नीति अपनानी चाहिए. परिवार ने अदालतों से उपयुक्त उपायों की मांग भी दोहराई है.
अगले कदम और समुदाय की अपेक्षा
यह मामला पंजाब के लिए नशे के खतरे को सामने लाने वाला है और जल्द ठोस कदम की मांग तेज हो गई है. परिवार और ग्रामीणों ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की उम्मीद जताई है. प्रशासनिक स्तर पर नशा विरोधी अभियान को मोर्चेबंदी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है. साथ ही यह संदेश भी गया है कि युवा पीढ़ी को बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय जरूरी हैं. समाज ने सरकार और कानून व्यवस्था से तकनीकी और औपचारिक उपायों के साथ स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की मांग की है. अतिरिक्त संदर्भ के लिए देखें निम्न लिंक: Punjab Police और Punjab drug problem coverage.
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