केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक : पायलट

जोधपुर, 14 जनवरी । कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग (IT) का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, वह स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान नहीं है।

विपक्ष की आवाज कुचलने का प्रयास

पायलट ने एक प्रेस वार्ता/सार्वजनिक सभा (संदर्भ अनुसार) के दौरान कहा कि जब भी कोई नेता सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसके पीछे जांच एजेंसियां लगा दी जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था से भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।

लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान

सचिन पायलट ने जोर देकर कहा कि एजेंसियां निष्पक्ष होनी चाहिए, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में असहमति की जगह होनी चाहिए। अगर संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल केवल विपक्ष को कमजोर करने के लिए किया जाएगा, तो जनता का सिस्टम से भरोसा उठ जाएगा।”

‘चुनिंदा कार्रवाई’ पर सवाल

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो नेता विपक्षी दलों में रहते हुए ‘भ्रष्ट’ बताए जाते हैं, वे सत्ता पक्ष में शामिल होते ही ‘साफ-सुथरे’ कैसे हो जाते हैं? पायलट ने कहा कि इस तरह की चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) साफ दर्शाती है कि एजेंसियों का रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर जनता के बीच जाएं।