कंगनवाल: मशीन से वर्कर की मौत, मजदूरों ने धरना क्यों?

लुधियाना : औद्योगिक क्षेत्र कंगनवाल में एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ एक धागा बनाने वाली (या टेक्सटाइल) फैक्ट्री में काम के दौरान मशीन की चपेट में आने से एक प्रवासी मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरी फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और साथी मजदूरों ने काम रोककर फैक्ट्री गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कैसे हुआ हादसा?

चश्मदीदों के अनुसार, मजदूर रोजाना की तरह अपनी शिफ्ट पर काम कर रहा था। अचानक मशीन में कोई तकनीकी खराबी आई या संतुलन बिगड़ने के कारण वह मशीन के भीतर खिंचता चला गया। जब तक मशीन बंद की गई, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। मजदूरों का आरोप है कि मशीन काफी पुरानी थी और उसमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

मजदूरों के गुस्से का कारण

हादसे की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में मजदूर फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हो गए। मजदूरों के धरने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. सुरक्षा उपकरणों का अभाव: मजदूरों का कहना है कि मशीनों पर ‘सेफ्टी गार्ड’ नहीं लगे हैं, जिससे आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं।

  2. मुआवजे की मांग: प्रदर्शनकारी मृतक के परिवार के लिए कम से कम 10 से 15 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।

  3. पुलिसिया कार्रवाई: मजदूर चाहते हैं कि फैक्ट्री मालिक और मैनेजर के खिलाफ लापरवाही का मामला (IPC 304A) दर्ज किया जाए।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने मजदूरों को शांत कराने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि, मजदूर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक ठोस आर्थिक मदद का ऐलान नहीं होता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।

यह घटना लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों मजदूरों की सुरक्षा की पोल खोलती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन फैक्ट्री प्रबंधन पर क्या कार्रवाई करता है।

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