घेराव की योजना और नेताओं की भागीदारी
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर घेराव की योजना की घोषणा की है. यह प्रदर्शन पंजाब भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ किया जाएगा. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा प्रमुख रूप से इसमें शामिल हैं. सेक्टर 37 स्थित प्रदेश कार्यालय से रोष मार्च निकलने की तैयारी है. घेराव की यह घोषणा जाखड़ के हवाले से की गई थी. सूत्रों के अनुसार वर्करों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी जरूरी मानी जा रही है. यह विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री के निवास के पास शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा. घरेलू सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रश्न उठेंगे. घेराव की तिथि और समय की अंतिम पुष्टि जल्द हो जाएगी.
डीजीपी को भेजा गया पत्र और फॉरेंसिक जांच की मांग
जाखड़ ने पंजाब पुलिस के महानिदेशक को एक पत्र लिखा है. वह वायरल वीडियो पर फोरेंसिक जांच की तात्कालिक मांग कर रहे हैं. वीडियो में गुरु नानक देव जी की पवित्र छवि के प्रति कथित आचरण दिखाया गया है. भाजपा का मानना है कि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है. इसलिए साक्ष्य मिलने पर सख्त कदम उठाने का निर्देश भी दिया गया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक मामले की निष्पक्षता दिखाने की बात कही गई है. यदि वीडियो सही पाया गया तो उच्च संवैधानिक पदाधिकारी के लिए असामयिक आचरण होगा. अगर वीडियो गलत या बनावटी निकला, तो बनाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. भाजपा का यह कहना है कि जांच की तेज रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए. जाहिर कर दें कि इनकी रपट से राजनीतिक संदेश कितना प्रभावित होता है.
आरोप-प्रश्न और लॉ एंड ऑर्डर पर हमला
भाजपा यह भी आरोप लगा रही है कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर कमजोर है. राज्य में हत्या की घटनाएं आम हो चुकी हैं. गैंगस्टर राज के बारे में मुख्यमंत्री से सवाल उठेंगे. SSP की वायरल ऑडियो और गुरु साहिब की बेअदबी पर भी चर्चा होगी. सरकारी स्रोतों के अनुसार सुरक्षा और शांति व्यवस्था भी प्रमुख बिंदु होंगे. सीधे-सीधे मुख्यमंत्री के विरुद्ध इन आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. मंच से नेताओं ने प्रेस में कानून-व्यवस्था सुधारों की बात कही. उन्हें यह भी स्पष्ट किया गया कि आरोप तभी प्रमाणित होंगे जब जांच पूरी हो. रिपोर्ट के प्रकाशन से जनता को निष्पक्ष जानकारी मिलेगी.
सरकार की भूमिका और भाजपा के दावे
सरकार की भूमिका पर भाजपा ने सवाल उठाए और विपक्षी दलों से भी सवाल पूछे. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर गुरु साहिबानों के विरुद्ध बयान के मुद्दे पर भी कहा गया है. जालंधर पुलिस की फॉरेंसिक जांच पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं. कथित तथ्यों पर राजनीति बढ़ाने से बचना चाहिए, यह अदालत-जानच पर निर्भर है. फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक हो कर ही निष्कर्ष तय होंगे. यह कदम जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए जरूरी बताए गए हैं. ताजा अपडेट के लिए आप इन पन्नों पर नजर रखें. अधिक जानकारी के लिए देखें BJP Official. और देखें NDTV Punjab.
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