बठिंडा में हादसा: शिमला गए गुजरात के 5 की मौत

घटना का संपूर्ण विवरण

पंजाब के बठिंडा जिले में आज सुबह बठिंडा-बीकानेर नेशनल हाईवे पर एक भीषण हादसा हो गया। घने कोहरे ने दुर्घटना की आपात स्थिति बना दी और दृश्यता घट गई। गुजरात रजिस्ट्रेशन की फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर से टकरा गई। पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे समूचा क्षेत्र सन्न रह गया। हादसा बठिंडा के गांव पथराला के पास हुआ था, जो मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित है। मृतक चार युवक और एक युवती की मौत की पुष्टि हुई। इनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच बताई जा रही है। इन्हें अर्जुन, सतीश, जनक, भारत और अमिता बान के नाम से पहचाना गया है। ये सभी गुजरात के बनासकांठा जिले के निवासी बताए जाते हैं।

पुलिस और बचाव कार्य

सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुँचा और राहत बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना स्थल के आसपास के हिस्सों में व्यापक जागरूकता बनाए रखी गई ताकि लोगों को दिक्कत न हो। फॉर्च्यूनर कार क्षतिग्रस्त हो गई और डिवाइडर से टकराने के प्रभाव से भीतर कई हिस्से कुचल गए। शवों को सुरक्षित निकालने और पोस्टमार्टम के लिए बठिंडा के एम्स अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही और आसपास के मार्गों पर वाहनों को सुरक्षित तरफ मोड़ दिया गया। स्थानीय प्रशासन और दमकलकर्मियों ने भी तत्परता से काम किया और राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुँचने दिया गया। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में भाग लिया और फॉरेंसिक टीमों को सूचना दी। सीसीटीवी कैमरों से दुर्घटना के संकेतों की जाँच की जा रही है।

हादसे के पीछे की परिस्थितियाँ

जानकारी के अनुसार ये सभी गुजरात से भ्रमण के लिए निकले थे और Shimla घूमने के लिए रुके थे। वे आज सुबह डबवाली की ओर बढ़ रहे थे तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। ड्राइवर ने कोहरे के कारण नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के कारणों की पुष्टि अब पुलिस कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। ये लोग बनासकांठा जिले के निवासी बताए जाते हैं और गुजरात से Shimla के लिए यात्रा कर रहे थे। वे बठिंडा में ठहरे थे और आज सुबह डबवाली की दिशा में जा रहे थे।

जाँच और आगे की कार्रवाई

बठिंडा के एसपी सीटी नरिंदर सिंह ने हादसे की पुष्टि की और शुरुआती विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि घने कोहरे के कारण दृश्यता घट गई थी और वाहन नियंत्रण खो बैठा। कार डिवाइडर से टकराकर पांच लोगों की मौत हुई, यह पुष्टि भी उसी बयान में है। पुलिस ने आगे की जांच के लिये साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। चालक की चाल, दृश्यता और यातायात नियंत्रण की अभी जांच चल रही है। ऐसे हादसों पर कोहरे में ड्राइविंग सावधानी और सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देने की कोशिश समझी जाती है। पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कोहरे से निपटने के उपायों की समीक्षा की। घटना के पीड़ित परिवारों को राहत राशि और सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठी है।

अधिक जानकारी के लिए देखें: राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन | Road safety – WHO

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