पूर्व विधायक को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
पंजाब के सनौर के पूर्व विधायक हरमीत सिंह पठान माजरा को कोर्ट से राहत नहीं मिली। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। उन पर धोखाधड़ी और रेप के गंभीर आरोप हैं। हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 28 जनवरी तय की गई है।
गिरफ्तारी वारंट और भगोड़ा घोषित करने के आदेश
पठान माजरा ने गिरफ्तारी वारंट रद्द करने की मांग की थी। उन्हें भगोड़ा भी घोषित किया गया है। जस्टिस त्रिभुवन दहिया की कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका लंबित रहने तक कार्रवाई रोकने का अनुरोध था। लेकिन कोर्ट ने कोई आदेश नहीं दिया।
शादी का झूठा वादा और रेप के आरोप
यह मामला पटियाला के सिविल लाइंस थाने से जुड़ा है। गुरप्रीत कौर ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि पठान माजरा ने खुद को तलाकशुदा बताया। फेसबुक पर संपर्क के बाद शादी का वादा किया। इस भरोसे में शारीरिक संबंध बने। बाद में 2021 में दोनों ने विवाह भी किया। 2022 के चुनावी हलफनामे से पता चला कि वे पहले से विवाहित हैं। उनकी पत्नी का नाम सिमरनजीत कौर है।
कोर्ट द्वारा जारी किए गए वारंट
पटियाला कोर्ट ने सितंबर 2025 में गिरफ्तारी वारंट जारी किए। दिसंबर 2025 में जेएमआईसी कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया। पुलिस की अर्जी पर यह कार्रवाई हुई। पठान माजरा वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। उनका दावा है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।
हनी ट्रैप और राजनीतिक साजिश का आरोप
पठान माजरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। इस मामले को हनी ट्रैप करार दिया गया है। उनका कहना है कि जमानत याचिका लंबित थी। ऐसे में भगोड़ा घोषित करना गलत है। उन्होंने दूसरी शादी को सहमतिपूर्ण बताया। साथ ही ब्लैकमेलिंग का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता पर पैसे और फ्लैट की मांग का आरोप है।
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत धोखाधड़ी और बलात्कार के मामलों की कानूनी प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त करें। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के नवीनतम आदेशों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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