बारिश बर्फबारी ने किसानों बागवानों को कर दिया निहाल, कई सड़कें बर्फ से अवरुद्ध, बत्ती भी रही गुल

मंडी, 27 जनवरी । मंडी जिला मेंमें तीन दिन के बाद फिर से हो रही बारिश -बर्फबारी के रूप में सोना बरसा है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुरूप मंगलवार सुबह ही आसमान घने बादलों से अटा हुआ था। मंडी जिले में दोपहर 12 बजे के लगभग बारिश का दौर चला जो देर शाम तक जारी रहा। ऊपरी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। कई सालों के बाद 23 जनवरी को जो काफी नीचे तक बर्फबारी हो गई थी उसी तर्ज पर फिर से बर्फबारी भी हुई। उंची चोटियों पर बर्फ की एक और मोटी तह जम गई जो एक वरदान से कम नहीं है। इससे जमीन में पानी का संचार जमकर हो गया जो जल स्रोतों को अच्छी तरह से चार्ज कर गया। नदी नालों में भी बहार आ गई। गंदम की फसल के लिए इस बारिश को जहां बेहद लाभदायक माना जा रहा है वहीं सेब के बागीचों के लिए यह बर्फबारी व बारिश वरदान साबित होगी।

पूरे जिले में कड़ाके की ठंड हो गई तथा लोगों को अलावों का सहारा लेना पड़ा है। बर्फबारी से फिर कमरुनाग शिकारी देवी समेत नाचन और सराज की पहाड़ियों ने सफेद चादर ओढ़ ली है। मंगलवार को क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी से जिले के नाचन, सराज, दारांग, करसोग क्षेत्रों की दर्जनों सड़कें एक बार फिर अवरुद्ध हो गई हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। हालांकि लोनिवि ने प्रमुख सड़कें यातायात के लिए बहाल कर दी थी। मगर अनेक सम्पर्क मार्ग मंगलवार को अवरुद्ध हो गए हैं। नाचन की चौलचौक सरोआ, कोट देवीदहड़, मन्डोगलु कमरुनाग और आसपास की सड़कें बन्द हो गई है।

सराज क्षेत्र की थुनाग देजी, नारायण गढ़, देवधार, बसन, कसौड, घनियार, नारायणगढ, पंजाई, थाची, बागी, सोमगाड और खोलानाल समेत अनेक सड़कें बन्द हो गई है। क्षेत्र में अनेके जगह विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई है और पेयजल आपूर्ति अवरुद्ध हो गई है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि बर्फ से बन्द सड़कों को बहाल करने का काम जारी है।

एसडीएम गोहर देवी राम ने बताया कि सड़कों को बहाल करने और विद्युत आपूर्ति से प्रभावित इलाकों में व्यवस्था सुधारी जा रही है। उन्होंने बताया कि शिकारी देवी और कमरुनाग मंदिर में श्रद्धालुओं पर रोक लगा दी गई है। किसानों बागवानों में पर्याप्त बर्फबारी और बारिश से खुशी का माहौल है।