संपत्ति छुपाने पर सिख सांसद पर जुर्माना

कनाडा में पंजाबी मूल के सांसद पर कार्रवाई

रणदीप सिंह सराय पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें दोषी पाया गया। कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट एक्ट का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगा। उन पर 200 डॉलर का आर्थिक दंड दिया गया है। यह कनाडा की नैतिकता समिति की जांच का नतीजा है।

संपत्ति का खुलासा न करना था मुख्य मामला

रणदीप सराय पर आरोप महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी संपत्ति सार्वजनिक नहीं की। अंतरराष्ट्रीय विकास राज्य सचिव बनने पर यह जरूरी था। 60 दिनों के भीतर वित्तीय ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। लेकिन उन्होंने यह नियम पूरा नहीं किया। इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई हुई।

विपक्ष ने जुर्माने को बताया नाकाफी

विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जुर्माना बहुत कम है। कानून में अधिकतम 500 डॉलर का प्रावधान है। विपक्ष इसे 20 से 50 हजार डॉलर तक करना चाहता है। उनका मानना है कि यह दंड प्रभावहीन है। नैतिकता नियमों का पालन सख्ती से होना चाहिए।

रणदीप सराय का भारी वित्तीय पोर्टफोलियो

दस्तावेजों से पता चलता है विस्तृत जानकारी। सराय के पास सात किराये की संपत्तियां हैं। यह ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नबी और सरे में स्थित हैं। उन पर कई बड़े बैंक ऋण भी चल रहे हैं। वैंकूवर सिटी सेविंग्स क्रेडिट यूनियन से होम लोन लिए हैं। नेशनल बैंक और बैंक ऑफ मॉन्ट्रियल से व्यावसायिक ऋण भी हैं।

कनाडा के संसदीय नैतिकता आयुक्त की भूमिका महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। वित्तीय हितों का खुलासा पारदर्शिता के लिए जरूरी है। इससे जनता का विश्वास बढ़ता है।

लिबरल पार्टी के कई नेता फंसे विवादों में

रणदीप सराय इस मामले में अकेले नहीं हैं। लिबरल पार्टी के कई दिग्गज भी फंसे हैं। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर भी कार्रवाई हुई है। 2017 में अगा खान के द्वीप पर छुट्टी का मामला सामने आया। 2019 में एसएनसी-लवलिन मामले में भी दोषी पाए गए।

पूर्व वित्त मंत्री बिल मोर्नो भी विवादों में रहे। उन्होंने अपनी फ्रेंच विला की जानकारी नहीं दी। वी चेरिटी घोटाले के दौरान भी हितों का टकराव देखा गया। डोमिनिक लेब्लैंक और मैरी एनजी पर भी आरोप लगे। ग्रेग फर्गस ने सिफारिशी वीडियो बनाकर नियम तोड़ा।

कनाडा सरकार के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है। जनता का भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। नैतिकता नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी होता है। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसे मामले कम हों इसकी कोशिश होनी चाहिए।
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