व्यावसायिक रसोई गैस (एलपीजी) के वितरण को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा गठित जिला स्तरीय कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन आज सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी कक्ष में किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने की। इसमें एलपीजी सिलेण्डरों की आपूर्ति, वितरण प्रणाली में आ रही समस्याओं तथा उनके त्वरित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण तथा स्वास्थ्य संस्थानों, व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को समय पर सिलेण्डर उपलब्ध करवाने के लिए सभी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल बनाए रखें। उपभोक्ताओं की विभिन्न शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित एवं सर्वमान्य हल के लिए सभी पूरी जिम्मेवारी के साथ कार्य करें। उन्होंने उपभोक्ताओं का भी आह्वान किया कि वे आवश्यकता पड़ने पर ही गैस की बुकिंग करें। आम जनता से अपील की गई कि वे अनावश्यक पैनिक बुकिंग या गैस सिलेंडर का भंडारण न करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि एलपीजी के अनाधिकृत भंडारण या अधिक मूल्य लेने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए, जिला के विभिन्न स्थानों में छापेमारी की जा रही है। हाल ही में सरकाघाट में 13 तथा ढलवान में दो घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
बैठक का संचालन जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बृजेंद्र पठानिया ने किया। उन्होंने बताया कि जिला में 24 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को घरेलू और व्यावसायिक गैस उपलब्ध करवाई जा रही है।
बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक गौरव जौहर तथा भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एरिया मैनेजर नवीन कुमार ने बताया कि जिला में घरेलू रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।