पंजाब कैबिनेट में फेरबदल: दो मंत्रियों को नई जिम्मेदारी
पंजाब सरकार में एक बार फिर बदलाव किया गया है। लालजीत सिंह भुल्लर के मंत्री पद से हटने के बाद उनके विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। अब यह जिम्मेदारी दो अन्य मंत्रियों को सौंपी गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अतिरिक्त रूप से परिवहन विभाग मिला है। डॉ. रवजोत सिंह अब जेल विभाग भी संभालेंगे। इससे पहले वह एनआईआरआई विभाग देख रहे थे। इस नए बदलाव के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में अब 15 मंत्री रह गए हैं।
नौवीं बार हुआ मंत्रिमंडल में परिवर्तन
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार मार्च 2022 में बनी थी। तब से अब तक मंत्रिमंडल में नौ बार फेरबदल हो चुका है। पहला कैबिनेट गठन मार्च 2022 में दस मंत्रियों के साथ हुआ था। जुलाई 2022 में पहला बड़ा विस्तार हुआ और पांच नए मंत्री जोड़े गए। इसके बाद जनवरी 2023 में फौजा सिंह सरारी के इस्तीफे पर डॉ. बलबीर सिंह को शामिल किया गया। मई 2023 में इंदरबीर सिंह निज्जर की जगह बलकार सिंह और गुरमीत सिंह खुडियां मंत्री बने।
हालिया समय में हुए प्रमुख बदलाव
सितंबर 2024 में एक बड़ा फेरबदल हुआ था। चार मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया गया। पांच नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए गए। जुलाई 2025 में कुलदीप सिंह धालीवाल की जगह संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाया गया। उन्हें उद्योग और एनआरआई मामलों का विभाग दिया गया। अगस्त 2025 में बिजली विभाग हरभजन सिंह से लेकर संजीव अरोड़ा को दे दिया गया। यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव था।
2022 के चुनाव में एएपी का प्रचंड बहुमत
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीती थीं। इस तरह उसे 79 प्रतिशत बहुमत मिला था। बहुमत के लिए केवल 59 सीटों की आवश्यकता थी। कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी। शिरोमणि अकाली दल को तीन सीटें मिली थीं। भाजपा दो और बसपा एक सीट जीत सकी थी। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता था।
पंजाब सरकार के इन निर्णयों का असर राज्य के प्रशासन पर पड़ेगा। नीतियों और विकास पर अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें। राजनीतिक विश्लेषण के लिए निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है।
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