देश के कुछ राज्यों में एक नई पहल के तहत पेट्रोल पंपों पर शराब बिक्री की अनुमति देने पर चर्चा तेज हो गई है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा देना और राजस्व बढ़ाना बताया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर समाज में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मॉडल को सीमित स्तर पर लागू करने पर विचार कर रही है, जहां चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर लाइसेंस प्राप्त दुकानों के माध्यम से शराब बेची जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर कई सेवाएं मिल सकेंगी और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सामाजिक संगठनों और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल पंप जैसे स्थान, जहां पहले से ही ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होते हैं, वहां शराब की बिक्री सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरी हो सकती है। इसके अलावा, नशे में ड्राइविंग के मामलों में बढ़ोतरी का भी खतरा जताया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यदि इस योजना को लागू किया जाता है, तो इसके लिए सख्त नियम और सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे। शराब बिक्री के लिए अलग से सुरक्षित क्षेत्र, समय सीमा और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसलों में सामाजिक और सुरक्षा पहलुओं को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और अंतिम निर्णय सरकार द्वारा सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।