फतेहाबाद, 01 अप्रैल । करीब नौ साल पुराने सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले में फतेहाबाद की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने महेंद्र, पवन और रमेश चंद को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर दंड दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 120-बी के तहत आजीवन कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 364 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मामले की सह-आरोपी सविता उर्फ कविता को संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने बरी कर दिया। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बुधवार को बताया कि यह मामला 6 जनवरी 2017 का है। उस दिन रोशन नामक युवक अपनी मोटरसाइकिल पर घर से किसी काम के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद परिजनों को सूचना मिली कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने उसे उपचार के लिए हिसार के सर्वोदय अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां वह कई दिनों तक बेहोशी की हालत में रहा। 13 जनवरी 2017 को होश में आने पर रोशन ने अपने मामा और अन्य परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। रोशन ने बताया कि जब वह भट्टू क्षेत्र की सब्जी मंडी के पास खड़ा था, तभी महेंद्र सिंह, पवन कुमार और एक अन्य व्यक्ति बोलेरो गाड़ी में आए और उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने उसके ऊपर कंबल डाल दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गया। घायल रोशन ने यह भी बताया कि उसकी पत्नी सविता उर्फ कविता के आरोपी महेंद्र सिंह के साथ अवैध संबंध थे। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल वाहन समेत अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए। उपचार के दौरान 21 जनवरी 2017 को रोशन की मौत हो गई, जिसके बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई। अदालत में जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल और सहायक जिला न्यायवादी नवदीप ने पैरवी की।