सुचारू रूप से शुरू करने की पुरजोर मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राज्य कमेटी मैंबर व
हिसार ब्लॉक 2 सचिव अनिल गोरछी ने मंगलवार काे प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए
कहा कि किसान आज दोहरी मार झेल रहा है। सरकार ने दावा किया था कि बायोमीट्रिक सत्यापन
के 72 घंटों के भीतर गेहूं का भुगतान किसानों के खातों में कर दिया जाएगा, लेकिन हकीकत
में हफ़्तों बाद भी किसान अपने हक के पैसे के लिए भटक रहे हैं। अगर चने ओर सरसों की
एमएसपी पर सरकारी खरीद चार दिन बाद चालू नहीं हुई तो किसान लेंगे बड़ा फैसला।
हिसार ब्लॉक प्रथम प्रधान साहब राम खिचड़ व उप
प्रधान राजपाल भेरिया ने सयुक्त बयान में कहा कि चना एमएसपी से नीचे बिक रहा है। वर्तमान
में खुले बाजार में चना मात्र 4800 से 5000 प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि सरकार द्वारा
निर्धारित एमएसपी 5875 है। इस कारण किसानों को प्रति क्विंटल 800 से 1000 रुपये का
सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला सेसचिव गोपाल ओड ने कहा कि किसानों के साथ
यह धोखाधड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार के वादे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि
धरातल पर किसान बदहाली की कगार पर है।
जिला प्रधान सतीश बैनीवाल ने कहा कि मौके पर
मौजूद हैफेड अधिकारी अनिल गोदारा ने सरकारी बारदाना ना होने की बात कही, दो या तीन
दिन में बारदाना आने और दो मई से चने व सरसों की सरकारी खरीद सुचारू रूप से चालू करवाने
का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दो मई से सरकारी ख़रीद सुचारू रूप से चालू
नहीं हुई तो किसानों के साथ मिलकर कड़ा फैसला लिया जाएगा।
इस मौके पर मुख्य तौर पर बबलू पूनिया गोरछी,
मनीष पूनिया, संदीप जांगड़ा, प्रमोद पचार, राजबीर सांगा, नरेश सुलखनी, रामकुमार फ्रांसी,
भीम बैनीवाल शाहपुर, राजेश बैनीवाल चुली, अजय भेरिया सहित भारी संख्या में किसान साथी
मौजूद रहे।