फतेहाबाद : पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर टिप्पणी का मामला गरमाया, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत

फतेहाबाद, 01 मई । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शुक्रवार को फतेहाबाद में चौधरी भजनलाल के समर्थकों और सर्व समाज के लोगों ने सांसद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए फतेहाबाद सदर और सिटी थाना में दो अलग-अलग शिकायतें देकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की हैं। इस दौरान भारी संख्या में सर्व समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 24 अप्रैल को पंचकूला में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के खिलाफ बेहद अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सांसद ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि चौधरी भजनलाल और चंद्रमोहन ने ‘बदमाशी’ के दम पर चुनाव जीते हैं। समर्थकों का कहना है कि यह बयान पूरी तरह से निराधार, असत्य और केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से दिया गया है। इस अवसर पर बिश्नोई सभा फतेहाबाद के प्रधान संजय खिचड़, भूना सरपंच एसोसिएशन के प्रधान मांगे राम गोदारा, खारा खेड़ी के पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी, सरपंच बंसी लाल, खजुरी के सरपंच सीता राम पूनिया सहित 36 बिरादरी के सैकड़ों लोग थानों में पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्व. चौधरी भजनलाल एक जननायक थे और उनके खिलाफ इस तरह की शब्दावली से न केवल बिश्नोई समाज, बल्कि उन्हें अपना आदर्श मानने वाले लाखों समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर सोमवार को फतेहाबाद में बिश्नोई सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में अखिल भारतीय श्री गुरु जम्भेश्वर सेवक दल, अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा, जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर, बिश्नोई सभा रतिया और टोहाना सहित कई धार्मिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया था। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि सांसद को उनके बयान के लिए कानूनी नोटिस भेजा जाएगा और माफी न मांगने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधान संजय खिचड़ ने कहा कि चौधरी भजनलाल का व्यक्तित्व बेहद ऊंचा था। वे जिला परिषद सदस्य से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के पदों तक पहुंचे, लेकिन उन्होंने हमेशा 36 बिरादरी को साथ लेकर विकास किया। समाज के लोगों का कहना है कि लोकतांत्रिक गरिमा को बनाए रखने के लिए सांसद रेखा शर्मा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि सांसद ने अपने कृत्य पर खेद प्रकट नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।