अबोहर के गांव कुंडल में 15 वर्षीय किशोर की मौत, हार्ट अटैक का मामला
अबोहर के गांव कुंडल में 15 वर्षीय किशोर शविंदर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर इसे हार्ट फेल का मामला बताया। मृतक की पहचान गुरतेज सिंह के पुत्र शविंदर सिंह के रूप में हुई है। वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा था और मजदूरी करता था। उसके चाचा हाकम सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर शविंदर खेत में अपने नाना को खाना देकर घर लौटा था।
घर पहुंचने के बाद जब शविंदर खाना खाने बैठा, तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट महसूस हुई और कुछ ही देर में उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शविंदर किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। उनके अनुसार, उसकी मौत अचानक हार्ट अटैक से हुई है। परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाने या कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
पुलिस जांच और परिजनों के बयान
घटना की सूचना मिलने पर थाना सदर प्रभारी कुलदीप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता, नाना और दादा के बयान दर्ज किए। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। शव को उन्हें सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना सदर प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर जांच की, जहां परिजनों ने हार्ट फेल से मौत की जानकारी दी। परिवार ने किसी कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम से इनकार किया।
गर्मी में बिगड़ी तबीयत और परिवार का बयान
मृतक के दादा बूटा सिंह ने बताया कि बच्चा दोपहर में अपनी नानी को रोटी देने के लिए दाना मंडी क्षेत्र में गया था। वहां अचानक गर्मी के कारण उसे घबराहट हुई और वह गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे घर पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दादा ने नशे की किसी बात से इनकार किया और बताया कि बच्चा आठवीं कक्षा का छात्र था। वह पढ़ाई में होशियार था और उसे कोई बीमारी नहीं थी। more on दैनिक भास्कर.
डॉ. नवीन सेठी का बयान और हार्ट अटैक के कारण
अबोहर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन सेठी ने बताया कि हार्ट अटैक किसी भी उम्र में आ सकता है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बच्चे को हार्ट अटैक आना असंभव नहीं है। संभव है कि बच्चे को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या रही हो, जिसका चेकअप न करवाया गया हो। उन्होंने सलाह दी कि समय-समय पर बच्चों और परिवार के सदस्यों का हेल्थ चेकअप करवाना बेहद जरूरी है। यह घटना अमर उजाला पर भी प्रकाशित की गई है। डॉ. सेठी ने कहा कि गर्मी और तनाव जैसे कारक भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। परिवारों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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