फाजिल्का नगर कौंसिल में विजिलेंस की दबिश से हड़कंप
फाजिल्का नगर कौंसिल में आज सुबह अचानक हड़कंप मच गया। चंडीगढ़ से विजिलेंस विभाग की एक विशेष टीम ने दबिश दी। अधिकारियों ने कार्यालय पहुंचते ही विभिन्न शाखाओं की जाँच शुरू कर दी। यह कार्रवाई गुप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। टीम के पहुंचते ही कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। घंटों तक रिकॉर्ड की बारीकी से जाँच की गई।
सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चली मैराथन जाँच
विजिलेंस की यह रेड सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक जारी रही। छह घंटे की लंबी कार्रवाई में टीम ने विभिन्न शाखाओं के दस्तावेज़ अपने कब्ज़े में लिए। सूत्रों के अनुसार, मुख्य ध्यान उन फाइलों पर था जिनसे गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की यह टीम पूरी सतर्कता से जाँच में लगी रही।
फर्जी नक्शों और लोन से जुड़ा बड़ा खुलासा
जाँच में सबसे चौंकाने वाली बात नक्शों को लेकर सामने आई है। नगर कौंसिल में कथित तौर पर कई नक्शे पास किए गए, जिनकी ज़मीन हकीकत में मौजूद नहीं थी। इन कागज़ी जमीनों के आधार पर बैंकों से लोन ले लिए गए। विजिलेंस अब उन अधिकारियों की भूमिका की जाँच कर रही है जिन्होंने बिना फ़िज़िकल वेरिफिकेशन के फर्जी नक्शों को मंजूरी दी। यह मामला प्रॉपर्टी फ्रॉड की तरफ इशारा करता है।
प्रॉपर्टी टैक्स और सीवरेज पर भी शिकंजा
नक्शों के अलावा टीम ने प्रॉपर्टी टैक्स, सीवरेज और पानी के कनेक्शन से संबंधित शिकायतों के रिकॉर्ड खंगाले। विभाग को शिकायत मिली थी कि इन सेवाओं में बड़े स्तर पर धांधली हो रही है। विकास कार्यों में लापरवाही और सरकारी राजस्व के नुकसान को ध्यान में रखकर फाइलों की पड़ताल की गई है।
नगर कौंसिल ईओ ने की कार्रवाई की पुष्टि
मामले की पुष्टि करते हुए नगर कौंसिल के ईओ वीर विक्रम धूड़िया ने बताया कि पुरानी शिकायतों के आधार पर विजिलेंस टीम जाँच के लिए आई थी। उन्होंने कहा कि टीम ने प्रॉपर्टी टैक्स और विकास कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड मांगे थे। फिलहाल जाँच जारी है और रिकॉर्ड खंगालने के बाद जो निष्कर्ष निकलेंगे, उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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