पंजाब के किसानों ने किया चंडीगढ़ कूच, पुलिस ने वाटर कैनन व लाठीचार्ज से रोका

चंडीगढ़, 15 मई । पंजाब के किसानों ने शुक्रवार को मोहाली बॉर्डर से चंडीगढ़ की तरफ कूच किया, तो पुलिस ने उन्हें घेरते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल व लाठीचार्ज किया। पंजाब के किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करने के लिए जाना चाहते थे। चंडीगढ़ व मोहाली की सीमा पर कई घंटे तक हंगामा चलता रहा।

किसान नेता फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, खेतों के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति और चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की मांग कर रहे थे। किसान राज्यपाल भवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने बॉर्डर पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ युवाओं ने ट्रैक्टरों के साथ बैरिकेड तोडक़र आगे बढऩे की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच झड़प बढ़ गई। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ पुलिस ने करीब 24 किसानों को हिरासत में लिया है, जबकि लाठीचार्ज में कई किसान घायल हुए हैं।

घटना के बाद किसान नेताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल और जोगिंदर सिंह उगराहां समेत अन्य नेताओं ने पंजाब भर में राज्यपाल और भाजपा के पुतले फूंकने का ऐलान किया है। किसान नेताओं ने 21 मई को सभी किसान यूनियनों की बैठक बुलाकर भाजपा के खिलाफ अगली रणनीति तय करने की घोषणा की है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे मौके पर धरना जारी रखेंगे।

किसानों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट पर रही। पुलिस ने वाईपीएस चौक से चंडीगढ़ जाने वाले मुख्य रास्ते को सील कर दिया। इसके अलावा सेक्टर-50 की ओर जाने वाली सडक़ पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई, क्योंकि यह रास्ता राज्यपाल के आसपास के इलाके की तरफ जाता है। इसके बावजूद किसान सेक्टर-50 वाले मार्ग पर आगे बढऩे की कोशिश करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी छोड़ीं। इसके बाद किसानों ने एसएसपी कंवरदीप कौर के साथ बैठक की। बाद में पंजाब राज्य भवन से आए एक अधिकारी को किसानों ने मांग पत्र दिया।