प्रयागराज, 20 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मथुरा जिले के एक आपराधिक मामले में जांच अधिकारी को कड़ा निर्देश देते हुए जवाब दाखिल करने या हाजिर होने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने यह आदेश देवकीनंदन की याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किया। याची ने थाना बल्देव, जिला मथुरा में दर्ज अपराध संख्या 36/2025 की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 465, 420, 419, 506, 467, 468 और 471 के तहत दर्ज है।
न्यायालय ने विवेचना अधिकारी को निर्देश दिया कि वे जांच की प्रगति और विलम्ब के कारणों की जानकारी दें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो विवेचना अधिकारी को अगली तारीख 8 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे न्यायालय में स्वयं उपस्थित होना होगा।