पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर सांसद का बड़ा दावा
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव में देरी पर पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि कोई महत्वपूर्ण बगावत का डर दिखाकर पार्टी की पुनर्स्थापना को टाल रहा है। पंजाब कांग्रेस में ये देरी पार्टी विरोधी कार्रवाई है। हालांकि, यह पोस्ट मीडिया में चर्चा में आने के बाद डिलीट कर दी गई।
दिल्ली बैठक में मनीष तिवारी की अनदेखी
कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब में संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा के लिए 60-70 नेताओं को दिल्ली बुलाया था। लेकिन इस बैठक में मनीष तिवारी को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के इतने प्रमुख नेताओं से सलाह ली गई, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरखाने में सक्रियता बढ़ा दी है।
संगठनात्मक बदलाव में देरी के कारण
8 से 21 जून के बीच पंजाब कांग्रेस में कई घटनाक्रम हुए। मीडिया में चर्चा है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष (LoP) में बदलाव कर सकती है। चुनाव नजदीक होने के कारण सभी वर्गों को साधने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा दोनों जट्ट सिख समुदाय से हैं।
हिंदू और दलित चेहरों को संतुलित प्रतिनिधित्व
पार्टी की कोशिश है कि हिंदू और दलित चेहरों को भी संतुलित रूप से प्रतिनिधित्व दिया जाए। इससे सभी वर्गों को साधा जा सकता है। इसी बीच राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। पार्टी हाईकमान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि फिलहाल किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह
इनसे साफ है कि पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह गहराई से देखी जा सकती है। डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान ने पार्टी के अंदरखाने की कहानी को उजागर किया है। देखना होगा कि आने वाले समय में कांग्रेस आलाकमान इस मामले में क्या कदम उठाता है। अधिक जानकारी के लिए जागरण और बीबीसी हिंदी पर विजिट करें।
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