फतेहगढ़ साहिब: पंचायत भूमि विवाद, ग्रामीणों ने अफसरों को रोका, पढ़ें

फतेहगढ़ साहिब में पंचायत भूमि विवाद गहराया

फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव सलेड़ी कलां में 400 एकड़ से अधिक पंचायत भूमि पर विवाद फिर से गहरा गया है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जबरन जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। इस विरोध में धक्कामुक्की हुई और कुछ लोग घायल हो गए। भूमि कब्जा विवाद भूमि विवाद के नियम पर आधारित नहीं था, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई ने ग्रामीणों को उकसाया।

ग्रामीणों का आरोप: 1904 से कब्जा

ग्रामीणों का दावा है कि उनके पूर्वजों ने यह जमीन 1904 में खरीदी थी। तब से उनके परिवार इस पर खेती कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन इसे पंचायत की संपत्ति बताकर छीनना चाहता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन अधिकारों की रक्षा के बजाय दबाव बना रहा है। सरहिंद-पटियाला रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया।

बाहरी लोगों को ठेका देने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने इस भूमि को बाहरी जिलों के लोगों को ठेके पर दे दिया है। स्थानीय किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। प्रशासन इन बाहरी लोगों को कब्जा दिलाने के लिए कार्रवाई कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए अन्यायपूर्ण है।

कांग्रेस नेता का समर्थन

ग्रामीणों के समर्थन में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। नागरा ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सत्ताधारी नेता दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ खड़ी है। वे अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे।

बीडीपीओ का बयान

दूसरी ओर, बीडीपीओ दीपशिखा ने कहा कि यह भूमि पंचायत विभाग की संपत्ति है। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी जमीन का कब्जा वापस ले रहा है। भूमि की बोली नियमों के अनुसार करवाई जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानूनी है। ग्रामीणों का संघर्ष जारी है।
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