मंडी, 27 जून । तहसीलदार एवं कार्यकारी उपमंडलाधिकारी पधर डॉ. भावना वर्मा की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना द्रंग द्वारा एसडीएम कार्यालय पद्धर में खंड स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, पोषण अभियान तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी पद्धर कुंदन हाजरी, बीईईओ द्रंग, एलईएसईओ द्रंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त स्थानीय धार्मिक प्रतिनिधियों तथा गणमान्य व्यक्तियों ने भी बैठक में सहभागिता की।
बैठक के दौरान घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के साथ-साथ बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को प्रदान किए जाने वाले विभिन्न लाभों, जैसे त्यौहार भत्ता, विवाह अनुदान तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी कुंदन हाजरी ने पोषण अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, उनकी प्रगति तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दूसरे चरण में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों तथा धार्मिक प्रतिनिधियों को बाल विवाह की रोकथाम, समय पर सूचना उपलब्ध कराने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के समापन अवसर पर तहसीलदार एवं कार्यकारी उपमंडलाधिकारी पधर डॉ. भावना वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों एवं समाज के विभिन्न वर्गों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।