पंजाब वेटनरी इंस्पेक्टरों का सरकार के खिलाफ बिगुल
पंजाब स्टेट वेटनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया है। एसोसिएशन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से लड़ रही है। अब संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया गया है। 31 जुलाई 2026 को मोहाली में विशाल विरोध प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शन पशुपालन विभाग के निदेशक कार्यालय के सामने होगा। यह निर्णय तरनतारन में एक आपातकालीन बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान बलजिंदर सिंह कुलार ने की। पंजाब वेटनरी एसोसिएशन की यह लड़ाई अब और मजबूत हो गई है।
तीनों तहसीलों के प्रधान हुए शामिल
बैठक में तरनतारन जिले के तीनों तहसीलों के प्रधान मौजूद रहे। हरचरण सिंह धुंदा, गुरशरण सिंह पट्टी और सरूप सिंह ढिल्लो ने विशेष भूमिका निभाई। सभी ने एकजुट होकर संघर्ष का रास्ता चुना। बैठक में कई प्रमुख कर्मचारी नेता भी उपस्थित थे। इनमें सरबजीत सिंह लालपुर, कुलविंदर सिंह एकलगड्डा, करमजीत सिंह झबल शामिल रहे। परमिंदर सिंह दबुरजी, गुरप्रीत सिंह थारू, कवलजीत सिंह पलासौर भी मौजूद थे। कवलजीत सिंह भाई धाईवाला, गुरप्रीत सिंह शहीद और गुरमुख सिंह किरतोवाल ने भी समर्थन दिया।
खोखले आश्वासनों से मिली निराशा
एसोसिएशन के स्टेट एडवाइजर दलजीत सिंह चहल ने मीडिया को बताया कई बैठकें हुईं। पशुपालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकातें हुईं। हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिले। अधिकारियों ने जल्द मांगें पूरी करने का वादा किया। लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दलजीत सिंह चहल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वेटनरी इंस्पेक्टरों की उपेक्षा की जा रही है। जनता को लुभाने के लिए बेतुकी योजनाएं बनाई जा रही हैं। पंजाब सरकार की नीतियां अस्पष्ट और अव्यावहारिक हैं।
राज्य भर के कर्मचारी होंगे शामिल
एसोसिएशन के नेताओं ने स्पष्ट किया है आंदोलन जारी रहेगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं प्रदर्शन रुकेगा नहीं। 31 जुलाई को मोहाली में सैकड़ों वेटनरी इंस्पेक्टर उमड़ेंगे। राज्य भर के कर्मचारी इसमें हिस्सा लेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। वेटनरी इंस्पेक्टरों के हितों की अनदेखी हो रही है। यह संघर्ष अब एक बड़ा आंदोलन बन गया है। पंजाब स्टेट वेटनरी इंस्पेक्टर एसोसिएशन ने उम्मीद जताई सरकार गंभीरता से सुनेगी।
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