नशामुक्त अभियान की तैयारियों को लेकर राज्यपाल ने कुलपतियों के साथ की बैठक

– दो अगस्त को प्रधानमंत्री करेंगे वर्चुअल संबोधन, विद्यार्थियों से माई भारत पोर्टल पर ई-शपथ लेने का आह्वानचंडीगढ़, 31 जुलाई । पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को पंजाब लोक भवन में पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक और संगठित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘माई भारत युवा कनेक्ट–नशामुक्त अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की गई।बैठक में राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत यादव, स्कूल शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल, माई भारत युवा कनेक्ट पंजाब की निदेशक रश्मीत कौर, जिला युवा अधिकारी विनय कुमार और ललित जैन मौजूद रहे। पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।राज्यपाल ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है। विश्वविद्यालय और कॉलेज युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित तथा जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को नशे के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने का प्रभावी मंच है।कटारिया ने सभी विश्वविद्यालयों को माई भारत पोर्टल के माध्यम से चलाए जा रहे नशामुक्ति ई-शपथ अभियान में अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यक्रम दो अगस्त 2026 को सुबह दस बजे आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री प्रतिभागियों को वर्चुअल रूप से संबोधित करेंगे।राज्यपाल ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए, उसे नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए और ई-प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा गया है, जो विश्वविद्यालय विभागों, संबद्ध कॉलेजों और माई भारत के अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान केवल विश्वविद्यालय मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी संबद्ध और घटक कॉलेजों तक पहुंचना चाहिए। इसके प्रचार के लिए वेबसाइट, सोशल मीडिया, विद्यार्थी समूहों, डिजिटल स्क्रीन और नोटिस बोर्ड का उपयोग करने को कहा गया।राज्यपाल ने वर्षभर सेमिनार, रैलियां, प्रतियोगिताएं, जागरूकता व्याख्यान और शपथ कार्यक्रम आयोजित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाया जा सकता है और युवा नशामुक्त तथा जिम्मेदार समाज के ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं।