बामियाल गांव में 30 साल बाद भी अधूरा पेयजल प्रबंधन
पठानकोट में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बामियाल गांव के लिए पेयजल समस्या आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। करीब 5 हजार की आबादी वाला यह गांव पिछले 30 सालों से पानी की बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा है। गांव में 1996 में बोरहोल खोदा गया था, लेकिन ओवरहेड वॉटर टैंक न होने के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बिजली पर निर्भर है।
1996 में शुरू हुई थी पेयजल योजना
पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने 1996 में गांव के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक गहरा बोर खोदा था। इसके बाद लगभग 600 घरों में पानी के कनेक्शन भी लगाए गए थे। गांववालों के अनुसार, पहले हैंडपंप का पानी इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें टीडीएस (TDS) और आयरन की मात्रा अधिक थी। इस पानी से बर्तन रात भर में पीले हो जाते थे और लोगों को पेट संबंधी बीमारियों व टाइफाइड जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
टैंक न होने से बिजली पर निर्भर पानी की आपूर्ति
हैरानी की बात है कि 1996 से 2026 तक लगभग 30 साल बीत जाने के बावजूद, इस बड़े सीमावर्ती गांव में आज तक ओवरहेड वॉटर टैंक नहीं बन पाया है। टैंक न होने के कारण पानी की आपूर्ति सीधे मोटरों से होती है, जिससे घरों में पूरे दबाव से पानी नहीं पहुंच पाता। बिजली चले जाने पर दो दिनों तक पानी की आपूर्ति भी ठप हो जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली और मौजूदा सरकारों ने इस गंभीर समस्या पर कभी ध्यान नहीं दिया।
40 दिनों से सूखे नल, ग्रामीण परेशान
गांववालों का यह भी कहना है कि टैंक न होने के कारण पिछले 40 दिनों से गांव के कुछ हिस्सों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। इससे महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द ओवरहेड टैंक निर्माण की मांग की है।
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ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी
कई बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। पानी की समस्या के चलते युवाओं का पलायन भी हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने पंजाब सरकार से सीमावर्ती क्षेत्र में विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।