फतेहाबाद, 11 अगस्त । हरियाणा सरकार के रवैये के विरोध में नगर पालिका कर्मचारी संघ ने अपनी हड़ताल को 4 दिन और बढ़ाने का फैसला लिया है। संघ की इस घोषणा के बाद अब शहर में 15 अगस्त तक न तो सडक़ों पर झाड़ू लगेगा और न ही डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम होगा। इसका सीधा असर यह होगा कि इस बार फतेहाबाद निवासी स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व शहर के चौक-चौराहों पर लगे कूड़े के ढेरों और उनसे उठती दुर्गंध के बीच मनाने को मजबूर होंगे।
पिछले छह दिनों से जारी इस कामबंद हड़ताल के कारण शहर की सडक़ों और गलियों में सैकड़ों टन कचरा एकत्र हो चुका है। बारिश के मौसम में सडक़ों पर सड़ रहे कूड़े के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बन गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। हड़ताल के 15 अगस्त तक खिंच जाने के कारण अब शहरवासियों में भी नगर परिषद और सरकार के प्रति रोष पनपने लगा है, क्योंकि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर पूरा शहर गंदगी के आगोश में समाया हुआ है।
मंगलवार को नगर परिषद परिसर में जारी धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान नरेश राणा ने की, जबकि मंच संचालन सचिव ओम प्रकाश लोट ने संभाला। सभा को संबोधित करते हुए इकाई प्रधान नरेश राणा और जिला प्रधान विजय ढाका ने संयुक्त रूप से हड़ताल को 15 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान किया। यूनियन नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कर्मचारी पिछले 6 दिनों से कामकाज ठप्प कर अपनी जायज मांगों को लागू कराने के लिए सडक़ों पर बैठे हैं, लेकिन सरकार हमारी समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय केवल तिरंगा यात्राएं निकालने में व्यस्त है। हम शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सरकार जानबूझकर इस आंदोलन को लंबा खींच रही है। यदि सरकार आज भी लिखित पत्र जारी कर दे, तो हम तुरंत काम पर लौट आएंगे।
कर्मचारी नेता विजय ढाका व वीरू रत्ती ने कहा कि एक से 14 मई तक चली 14 दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार ने 13 मई को 22 सूत्रीय मांग पत्र में से 17 मांगों पर सहमति जताई थी। हालांकि, समय बीत जाने के बाद भी इन मांगों पर कोई अमल नहीं किया गया। इसके बाद 29 जुलाई और पांच अगस्त को वार्ता का न्योता तो दिया गया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसी वादाखिलाफी से आहत होकर कर्मचारियों को छह अगस्त से पुन: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा।