लुधियाना में लॉटरी स्टॉल पर भारी हंगामा, ₹3 लाख के इनाम पर विवाद
लुधियाना के जगराओं इलाके में मंगलवार को तहसील चौक के पास एक लॉटरी स्टॉल पर जबरदस्त हंगामा हुआ। यहां एक ग्राहक और दुकानदार के बीच ₹3 लाख के इनाम को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इनाम की राशि न मिलने से नाराज ग्राहक ने जमकर बवाल काटा और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर धोखाधड़ी और टिकट रद्द करने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस विवाद ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और अब मामले की पुलिस जांच की मांग हो रही है।
ग्राहक का आरोप: दुकानदार ने ₹3 लाख का इनाम हड़पा
गांव मेहतपुर निवासी गुरशरणजीत सिंह ने लॉटरी स्टॉल संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे पिछले 6 महीनों से सिधवां बेट में इसी दुकानदार के बेटे से ऑनलाइन लॉटरी के नंबर चुन रहे थे। इस दौरान वे टिकटों के पैसे नियमित रूप से ऑनलाइन ट्रांसफर या नकद में देते रहे। इस बार भी उन्होंने अपने लकी नंबर चुने थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके नंबरों पर ₹3 लाख का बंपर इनाम निकला है, दुकानदार ने उन्हें टिकट रद्द होने का मैसेज भेज दिया। गुरशरणजीत का आरोप है कि दुकानदार ने इनाम हड़पने के लिए पहले के खरीद मैसेज भी चैट से डिलीट कर दिए।
दुकानदार का पलटवार: टिकट के पैसे ही नहीं दिए गए
वहीं, लॉटरी स्टॉल संचालक ने गुरशरणजीत के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। दुकानदार का कहना है कि वे लोग केवल ग्राहकों को उनकी पसंद के नंबर चुनने की सुविधा देते हैं, ऑनलाइन टिकट नहीं बेचते। उनका दावा है कि गुरशरणजीत ने नंबर तो चुने थे, लेकिन टिकट की राशि कभी जमा नहीं कराई। नियमानुसार, जब टिकट के पैसे नहीं दिए गए तो वह टिकट किसी अन्य ग्राहक को बेच दी गई। दुकानदार ने आगे कहा कि अब इनाम निकलने के बाद ग्राहक जबरन पैसे ऐंठने के लिए झूठा हंगामा कर रहा है। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे का खंडन करते नजर आ रहे हैं।
जांच के बाद ही साफ होगी हकीकत, दोनों पक्षों के दावे विरोधाभासी
फिलहाल इस लॉटरी विवाद में दोनों पक्षों के दावे एकदम विपरीत हैं। पीड़ित ग्राहक इनामी राशि न देकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा रहा है, जबकि दुकानदार टिकट की खरीद-फरोख्त होने की बात से साफ इनकार कर रहा है। चैट डिलीट होने और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दावों ने मामले को और उलझा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लॉटरी के मामलों में साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अब इस मामले की असली स्थिति पुलिस या संबंधित विभाग की निष्पक्ष जांच में ही स्पष्ट हो सकेगी। यह मामला ऑनलाइन लॉटरी के बढ़ते जोखिमों की तरफ भी इशारा करता है। ocial media पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
लॉटरी स्टॉल विवाद ने उठाए कई सवाल, ग्राहकों को सलाह
इस घटना ने लॉटरी कारोबार में पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे लॉटरी टिकटों की खरीद का हमेशा लिखित या स्क्रीनशॉट सबूत रखें। साथ ही, ऑनलाइन लेनदेन की रसीद भी संभालकर रखें। यदि आपको टिकट कैंसलेशन का मैसेज मिले तो तुरंत लॉटरी विभाग या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। ऐसे विवादों में कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूत सबूत जरूरी हैं। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई उजागर हो पाएगी। आगे की अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।