शिमला, 13 अगस्त । हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई है और कई मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से मौसम अपेक्षाकृत साफ बना हुआ है। राजधानी शिमला में भी बीते दो दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और राज्य के विभिन्न भागों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट घोषित किए हैं। 14 अगस्त को मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 15 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट रहेगा। 17 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बारिश की मात्रा में कमी के बावजूद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान शिमला जिले के रोहड़ू में 22 मिलीमीटर और खदराला में 17 मिलीमीटर बारिश हुई। सोलन जिले के कसौली में 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश का असर अब भी राज्य के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 136 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें सबसे अधिक 48 सड़कें मंडी जिले में अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 37, शिमला में 26 और सिरमौर में 6 सड़कें बंद हैं। भूस्खलन और सड़क क्षति के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। प्रदेश में 242 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। इनमें अकेले मंडी जिले में 212 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं। शिमला जिले में 15 और चंबा जिले में 13 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं, जिससे कई इलाकों में जलापूर्ति बाधित हुई है।
बिजली व्यवस्था पर भी मौसम का असर बना हुआ है। चंबा जिले में 6 और शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में 3 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिन्हें बहाल करने का काम जारी है।
मानसून सीजन के दौरान हुई तबाही के आंकड़े भी चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य में अब तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 177 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 271 लोग घायल हुए हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के कारण 81 कच्चे और पक्के मकान पूरी तरह ढह गए हैं। इसके अलावा 292 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 14 दुकानें और 243 पशुशालाएं भी नष्ट हुई हैं।
प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को अब तक 955 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। विभिन्न विभागों को हुए नुकसान में लोक निर्माण विभाग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। विभाग को अकेले 717 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है।