सुखबीर हमले पर चौड़ा: नांदेड़ हमलावर को नहीं जानता, माफी नहीं

नांदेड़ साहिब में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला, पंजाब की सियासत गरमाई

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के श्री नांदेड़ साहिब में हुए जानलेवा हमले ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस घटना के बाद से सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सुखबीर बादल पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब वे गुरुद्वारा श्री हुजूर साहिब के दर्शनों के लिए पहुंचे थे। इस घटना ने एक बार फिर सिख नेताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मजीठिया ने दोनों हमलों के संबंध पर उठाए सवाल

अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस हमले को सुखबीर बादल पर दूसरा बड़ा हमला करार दिया है। मजीठिया ने याद दिलाया कि वर्ष 2024 में अमृतसर के सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में भी सुखबीर बादल की जान लेने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आशंका जताई है कि इन दोनों घटनाओं के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। पूर्व मंत्री ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पंजाब और देश भर के सिखों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने यह भी सिफारिश की है कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

2024 के आरोपी नारायण सिंह चौड़ा का बड़ा बयान

इस बीच, सुखबीर बादल पर साल 2024 में गोली चलाने वाले आरोपी नारायण सिंह चौड़ा का बयान भी सामने आया है। फिलहाल जमानत पर बाहर चौड़ा ने कहा कि वह नांदेड़ साहिब में हमला करने वाले व्यक्ति को नहीं जानता। उसने यह भी कहा कि उसने हमलावर की तस्वीर केवल टीवी चैनलों पर देखी है। हालांकि, चौड़ा ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पुराने कृत्यों के लिए सिख समुदाय (कौम) में कोई माफी नहीं है। उसने आरोप लगाया कि बादल के फैसलों से सिख समुदाय की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं, जिसके चलते लोग गुस्से और रोष में आकर इस तरह के कदम उठा रहे हैं।

चौड़ा ने दी जमानत पर सफाई, पूछे सवाल

अपनी जमानत से जुड़ी चल रही चर्चाओं पर नारायण सिंह चौड़ा ने सफाई देते हुए कहा कि इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उसने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल खुद पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाने नहीं गए, जिसके चलते अदालत ने उसे जमानत का लाभ दिया। चौड़ा ने सवाल उठाया कि जब पुलिस बार-बार बयान दर्ज करने के लिए चक्कर काट रही थी, तो अकाली दल के अध्यक्ष जांच से पीछे क्यों हटे? उसने यह भी दावा किया कि पुलिस चालान के मुताबिक यह आपसी खींचातानी का मामला था। उसने कहा कि यह अभी जांच का विषय है कि गोली उसके हाथ से चली या उसे पकड़ने वालों के हाथ से। इस ताजा हमले के बाद अकाली दल ने सुखबीर बादल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने बड़ी साजिश की आशंका व्यक्त की है। वहीं, विरोधियों के बयानों ने इस राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है। पंजाब की सियासत में यह मामला अब और गरमाता नजर आ रहा है। अकाली दल ने इसके विरोध में व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी है। पंजाब सरकार और गृह मंत्रालय से इस मामले में गंभीर संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।
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