ED ने पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा और IAS कंवलप्रीत बराड़ को भेजा समन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को 31 अगस्त को समन भेजा गया है। वहीं, IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को 27 अगस्त को तलब किया गया है। दोनों अधिकारियों को जालंधर स्थित ED के जोनल कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला भूमि उपयोग में बदलाव (CLU) से जुड़े कथित घोटाले से संबंधित है।
कंवलप्रीत बराड़ दूसरी बार ED के सामने पेश होंगी
कंवलप्रीत बराड़ पहले भी 18 अगस्त को ED के सामने पेश हो चुकी हैं। उन्हें मामले से संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज लाने के लिए कहा गया है। ED ने उनसे कुछ महत्वपूर्ण कागजात साथ लाने को कहा है। वहीं, अनुराग वर्मा पहली बार ED के सामने पेश होंगे। वे वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) के पद पर तैनात हैं। दोनों अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
आवास विभाग में रहते हुए हुआ कथित घोटाला
जब यह कथित घोटाला हुआ था, तब ये अधिकारी आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख पदों पर तैनात थे। ED की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया या नहीं। भूमि उपयोग में बदलाव (CLU) और अवैध लेआउट के मामले में नियमों की अनदेखी का आरोप है। यह मामला काफी गंभीर है और इसमें कई अहम पहलू शामिल हैं।
धारा 90 की जगह धारा 85 के तहत की गई कार्रवाई
सनटेक सिटी मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट की धारा 90 के तहत की जाने वाली कार्रवाई को नजरअंदाज किया गया। इसके बजाय केवल धारा 85 के तहत कार्रवाई की गई। इससे सीधे तौर पर बिल्डर को राहत मिली है। ED इस बात की जांच कर रही है कि यह निर्णय किसके कहने पर लिया गया। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसमें किसी अधिकारी की मिलीभगत थी।
ED की जांच में कई अहम दस्तावेज शामिल
ED ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए हैं। जांच एजेंसी बिल्डरों और अधिकारियों के बीच हुए संपर्कों की भी जांच कर रही है। भूमि उपयोग में बदलाव के नियमों का पालन सही तरीके से हुआ या नहीं, यह भी देखा जा रहा है। पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा की भूमिका इस मामले में काफी अहम मानी जा रही है। ED ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तय तारीखों पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों। इस मामले से पंजाब के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि ED की जांच में क्या नए खुलासे होते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है। अधिक जानकारी के लिए आप [ED की आधिकारिक वेबसाइट](https://enforcementdirectorate.gov.in/) पर विजिट कर सकते हैं।
Related: ED का एक्शन: पंजाब की IAS तलब, मोहाली प्रोजेक्ट में पूछताछ