पंजाब में 7 लाख कर्मचारियों की महाहड़ताल
पंजाब में आज 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और पेंशनर महाहड़ताल पर हैं। वे महंगाई भत्ता (DA) समेत 8 प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। इस हड़ताल के कारण सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में OPD सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। कर्मचारियों ने अपने विभागों के प्रमुखों से सामूहिक अवकाश लेकर पूरे दिन हड़ताल करने का ऐलान किया है। यह पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी सरकारी कर्मचारी हड़ताल मानी जा रही है।
सीएम भगवंत मान की बैठक और कड़ा रुख
महाहड़ताल के बीच सीएम भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के बीच आज दोपहर 1 बजे जालंधर में बैठक होगी। इससे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर साफ किया है कि मुलाजिम परिवार का अहम हिस्सा हैं और हर जायज बात सुनने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। सरकार हर मुद्दे का समाधान निकालेगी, लेकिन बातचीत तभी संभव है जब हड़ताल समाप्त हो। यह बयान सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध को दर्शाता है।
आम जनता को भारी परेशानी
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ा है। मोहाली सिविल अस्पताल में दवा लेने पहुंचे एक मरीज को गार्ड ने बाहर कर दिया। गार्ड ने कहा कि आज हड़ताल है, कल आना। वहीं पठानकोट में नगर निगम कार्यालय पर ताले लटके मिले। कई जगहों पर सरकारी स्कूल खुले हैं और सरकारी बसें भी चल रही हैं। हालांकि, अफसरों की गाड़ियां चलाने वाले ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हैं। इससे अधिकारियों को दफ्तर पहुंचने में खासी मुश्किल हुई। लुधियाना के DC सुबह साढ़े 9 बजे तक अपने कार्यालय नहीं पहुंच पाए।
बसें चलने का फैसला और बुजुर्ग शिक्षिका का धरना
सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने पहले बस ड्राइवर-कंडक्टरों को हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की थी। लेकिन बुधवार को वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद उन्होंने रक्षाबंधन का हवाला देते हुए हड़ताल से दूर रहने का फैसला किया। इसलिए पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC की बसें सामान्य रूप से चल रही हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सीएम जालंधर में व्यस्त होने के कारण बैठक वहीं शिफ्ट की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मचारी अपनी हड़ताल वापस लेंगे। जालंधर के शाहकोट से 86 वर्षीय रिटायर्ड टीचर रणधीर कौर धरने में शामिल हुई हैं। उनकी मौजूदगी इस आंदोलन में जनसमर्थन को दर्शाती है।
बातचीत की उम्मीद और आगे का रास्ता
पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जालंधर में होने वाली बैठक को सरकारी कर्मचारियों की मांगों के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वित्त मंत्री का बयान सकारात्मक संकेत देता है कि आम जनता को परेशान नहीं होना चाहिए। लोग टैक्स के रूप में पैसे देते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। महाहड़ताल से जुड़े अपडेट्स के लिए [न्यूज़ 18 हिंदी](https://hindi.news18.com/) और [आज तक](https://www.aajtak.in/) पर विजिट करें। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम भगवंत मान की मौजूदगी में यह बैठक किस ओर ले जाती है। सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश और कर्मचारियों की हड़ताल जारी रखने की जिद के बीच समाधान निकालना बड़ी चुनौती होगी।
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