चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: वार्ड आरक्षण के लिए ड्रॉ ऑफ लॉट्स 11 सितंबर को
चंडीगढ़ में दिसंबर 2026 में होने वाले नगर निगम चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके तहत 11 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे ड्रॉ ऑफ लॉट्स निकाला जाएगा। इस ड्रॉ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति की महिलाओं और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को आधिकारिक पत्र जारी किया है। इनमें बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, सी.पी.आई. (एम), इंडियन नेशनल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल हैं। इस ड्रॉ से साफ हो जाएगा कि शहर का कौन सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित है।
पार्टियों के लिए प्रतिनिधियों की सीमा तय
राज्य निर्वाचन आयोग के विशेषाधिकार अधिकारी (OSD) ने नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि यू.टी. स्टेट गेस्ट हाउस के कॉन्फ्रेंस रूम में सीमित जगह है। इसलिए प्रत्येक राजनीतिक दल से अधिकतम 5 प्रतिनिधियों को ही इस प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी गई है। इस कदम से ड्रॉ प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।
नगर निगम चुनाव दिसंबर 2026 में आयोजित किए जाएंगे। ड्रॉ ऑफ लॉट्स के बाद सभी दलों को स्पष्टता मिल जाएगी। राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां और उम्मीदवार तय कर सकेंगे। आरक्षण का फैसला होने से चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी। यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होगी।
नगर निगम चुनाव की तैयारियां जोरों पर
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। वार्ड आरक्षण का ड्रॉ चुनाव प्रक्रिया का पहला चरण है। इसके बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। राज्य निर्वाचन आयोग समय-सीमा का पालन करते हुए चुनाव कराएगा।
चंडीगढ़ की राजनीति में यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी प्रमुख दल इस बार मजबूत तैयारी में जुटे हैं। वार्ड आरक्षण की घोषणा के बाद दलों का ध्यान उम्मीदवार चयन पर केंद्रित होगा। स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य और नागरिक सुविधाएं चुनाव के मुख्य मुद्दे होंगे। मतदाता अपनी आवाज मजबूती से उठाएंगे।