संगरूर विरोध प्रदर्शन में गिरफ्तार नेता की तबीयत बिगड़ी, पटियाला रेफर
पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए मोहनजीत सिंह शेरो की तबीयत अचानक बिगड़ गई। रविवार को उन्हें संगरूर के सरकारी अस्पताल से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें एंबुलेंस से पटियाला लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही उन्हें सीधे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों की एक पूरी टीम उनकी जांच में जुट गई है। मोहनजीत सिंह की हालत को देखते हुए कई महत्वपूर्ण मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनकी हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस पर लगे मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मोहनजीत सिंह शेरो को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस द्वारा मारपीट और प्रताड़ना किए जाने के आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। जिसके चलते उन्हें पहले संगरूर के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां स्वास्थ्य में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटियाला रेफर करने का फैसला लिया।
राजिंदरा अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती, हाल पर नज़र
राजिंदरा अस्पताल पहुंचने के बाद मोहनजीत सिंह शेरो का इलाज शुरू कर दिया गया है। वहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। प्रारंभिक जांच के बाद उनकी और गहन जांच के लिए कई टेस्ट करवाए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी बीमारी की असली वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
भाजपा नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप, सरकार पर साधा निशाना
मोहनजीत सिंह शेरो का हाल जानने के लिए भाजपा के कई नेता राजिंदरा अस्पताल पहुंचे। लेकिन सुरक्षा के चलते उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान भाजपा नेता दमन थिंद बाजवा और करण कौड़ा ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस प्रताड़ना के आरोपों की निंदा की। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध जताना लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को ऐसी कार्रवाइयों से बचना चाहिए। फिलहाल मोहनजीत सिंह का इलाज जारी है। उनकी मेडिकल रिपोर्ट आने का इंतज़ार किया जा रहा है। इस घटना ने पंजाब की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।
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