जानिए, पायलट: आप सरकार में ड्रग्स रोकने की इच्छाशक्ति नहीं

पंजाब चुनाव: सचिन पायलट का बड़ा बयान

पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आम आदमी पार्टी सरकार, भाजपा और अकाली दल पर जमकर हमला बोला। जयपुर में मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि पंजाब सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। यह बॉर्डर स्टेट है। अगले साल यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने मुझे पंजाब चुनाव की जिम्मेदारी दी है। पायलट ने कहा कि मैंने पिछले 2-3 दिनों में पंजाब के लगभग सभी नेताओं से मुलाकात की है। जल्द ही पंजाब जाकर औपचारिक चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। यह जानकारी कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना

पायलट ने कहा कि पंजाब में जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी तो उसे ऐतिहासिक बहुमत मिला था। लेकिन साढ़े चार साल के कार्यकाल में सरकार ने सिर्फ अपनी पार्टी की राजनीतिक लीडरशिप को संरक्षण देने, मदद करने और प्रोटेक्ट करने का काम किया। प्रदेश की जनता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज सबसे बड़ा मुद्दा ड्रग्स का है। खुलेआम बने ड्रग्स के गिरोह को तोड़ने की सरकार में न तो इच्छाशक्ति दिखाई दी और न ही अब तक इसे खत्म करने के लिए प्रभावी काम हुआ है। अब जब सरकार का कार्यकाल खत्म होने वाला है तो नशामुक्त पंजाब बनाने के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार को घेरा

पायलट ने केंद्र सरकार को भी ड्रग्स के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र में 12 साल से बीजेपी सरकार है और देश में ड्रग्स कहीं न कहीं से आती है। बॉर्डर किसके पास है। गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय किसके पास है। देश में 21 हजार करोड़ रुपए की कोकीन पकड़ी गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में कितनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पहुंच रहा है। पायलट ने कहा कि खतरनाक केमिकल ड्रग्स युवाओं तक पहुंच रहे हैं। इसके वीडियो देखकर मन दहल जाता है। सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं का जीवन बेहतर बनाएं। पंजाब में कांग्रेस के प्रमुख मुद्दे लॉ एंड ऑर्डर, ड्रग्स और बेरोजगारी होंगे। पायलट ने कांग्रेस के पुराने शासन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड जनता के सामने है। सरदार बेअंत सिंह ने पंजाब को अंधकार से निकालने के लिए शहादत दी। कांग्रेस सरकारों ने पंजाब के लिए बहुत काम किया है। कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ेगी।

खड़गे, राहुल और प्रियंका से पंजाब आने का आग्रह

पायलट ने कहा कि मैंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पंजाब आने और चुनाव प्रचार की कमान संभालने का आग्रह किया है। कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रही है और यह चुनाव युवाओं, उनके भविष्य और पंजाब को बेहतर भविष्य देने का चुनाव है। पायलट ने कहा कि पंजाब में अब बहुत कुछ खराब हो चुका है। इसे संभालने का समय आ गया है। जनता जानती है कि बेहतर विकल्प कांग्रेस है। युवा भ्रमित, चिंतित और गुस्से में हैं। राजस्थान हो या पंजाब, अब पूरा देश समझ चुका है कि समय नौजवानों का है। राजनीति और नीति निर्माण का सबसे बड़ा उद्देश्य युवाओं को बेहतर भविष्य देना होना चाहिए। शिक्षा, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, परीक्षाएं और बेरोजगारी जैसे मुद्दे आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान आज भ्रमित, चिंतित और बहुत गुस्से में है। उसके भविष्य को लेकर असुरक्षा पैदा हो रही है। इस स्थिति को सुधारने की जिम्मेदारी सत्ता में बैठे लोगों की है। जिन लोगों ने बच्चों पर गोलियां चलाईं, AK-47 चलाई, बर्बरता से व्यवहार किया, आवाज दबाने का काम किया और केस किए, उनसे भी जनता हिसाब मांगेगी। पायलट ने कहा कि जो लोग वर्षों तक राज करने के बाद युवाओं के अरमानों पर पानी फेरने के बावजूद धर्म और जाति की राजनीति के सहारे दोबारा वोट लेने की सोच रहे हैं, ऐसा होने वाला नहीं है। पंजाब चुनाव से जुड़ी ताजा अपडेट्स के लिए भारत सरकार की वेबसाइट पर भी नजर रखें।

कैप्टन अमरिंदर और अकाली दल पर बयान

कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं को लेकर पायलट ने कहा कि इस विषय में मेरी किसी से चर्चा नहीं हुई है। पार्टी ने भी अभी इस संबंध में कोई बात नहीं की है। उन्होंने साफ कहा कि इस विषय पर उनके साथ कोई संवाद नहीं हुआ। अकाली दल को लेकर उन्होंने कहा कि आज अकाली दल वह नहीं है, जो बादल साहब के समय था। पार्टी में कई टूट हो चुकी हैं और अलग-अलग दल बन गए हैं। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पंजाब में अपनी जमीन तलाशने के लिए एक-दूसरे का साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य मुकाबला कांग्रेस-AAP में

पायलट ने कहा कि जब भाजपा और अकाली दल का गठबंधन था, तब भी वे बुरी तरह हारे थे। इसलिए दोनों पार्टियां कितनी भी कोशिश कर लें, पंजाब में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच ही होगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सत्ता में है और कांग्रेस विपक्ष में। लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने हैं और अधिकांश सीटें कांग्रेस को मिली थीं। पायलट ने आम आदमी पार्टी के एकजुट होने के दावे पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि AAP कहती है कि उसकी पार्टी एकजुट है, लेकिन उसकी पार्टी बिखर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके राज्यसभा सांसद भाजपा के साथ चले गए हैं। पायलट ने भाजपा पर विपक्षी दलों के सांसदों को तोड़कर संसद में बनावटी बहुमत तैयार करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का जनता से कोई सरोकार नहीं है। पंजाब के लोग बहुत समझदार और राजनीतिक रूप से जागरूक हैं।

मुख्यमंत्री चेहरे पर स्पष्ट रुख

पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पायलट ने कहा कि कांग्रेस की सामान्य परिपाटी रही है कि जब पार्टी सत्ता में होती है तो मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाता है। लेकिन जब पार्टी विपक्ष में होती है तो नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और सभी वरिष्ठ नेता मिलकर चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद तय किया जाता है कि किसे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी। हर चुनाव और हर राज्य की परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन देशभर में कांग्रेस की सामान्य परिपाटी यही रही है और पंजाब में भी पार्टी इसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।
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