जौली निवासी सुरेश ने बताया कि सोनू 23 सितंबर शाम करीब छह बजे कार से ससुराल के लिए
निकला था। वहां वह अपने साले की बीमार पत्नी का हालचाल जानने गया था। 24 सितंबर सुबह
करीब सात बजे सोनू की पत्नी पीनू ने फोन कर उसके पहुंचने के बारे में पूछा तो उसने
घर के लिए निकलने की बात कही। सुबह 11 बजे तक घर नहीं पहुंचने पर दोबारा फोन किया गया,
लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिवार ने तलाश शुरू की। शाम करीब पांच बजे मोबाइल चालू
हुआ, लेकिन पांच-छह घंटे प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।
सुबह सोनू के ससुर मैहरद्दिन ने नरेला थाना पुलिस को शिकायत दी। इसी दौरान परिजन नहर
के आसपास तलाश कर रहे थे। सुबह करीब आठ बजे सोनीपत से दिल्ली जा रहे परिवार के दामाद
धीरज ने रोहट नहर किनारे सोनू की बलेनो खड़ी देखी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और
पुलिस को बताया। सदर थाना पुलिस के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। कार के अंदर
ने बताया कि सोनू के सिर और कमर पर चोट के निशान थे। नाक से खून निकल रहा था और कमर
की खाल भी उतरी हुई थी। बनियान उलटी पहनी होने की बात भी परिजनों ने कही। इन परिस्थितियों
को देखते हुए उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम
के परिजनों के अनुसार उसका किसी से विवाद या रंजिश नहीं थी। सोनू वर्ष 2011 से पीनू
के साथ विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। वह परिवार का इकलौता बेटा था और बलेनो कार
थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि सोनू के लापता होने की रिपोर्ट नरेला थाना में
दर्ज थी। रोहट में नहर किनारे उसकी कार में शव मिला है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज
खंगाल रही है और कार के वहां पहुंचने के समय की जांच कर रही है। एफएसएल टीम ने मौके
से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही
है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत के वास्तविक कारण का पता चलेगा।