कोमा में चल रहे पुलिस कांस्टेबल को वेतन क्यों नहीं देने पर मांगा जवाब

जयपुर, 28 सितंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने कोमा में चल रहे पुलिस कांस्टेबल को बीते एक साल से वेतन नहीं देने पर प्रमु गृह सचिव, डीजीपी व भरतपुर एसपी से जवाब देने के लिए कहा है। वहीं याचिका की कॉपी अतिरिक्त महाधिवक्ता को दिलाते हुए राज्य इन अफसरों से पांच अक्टूबर तक जवाब पेश करने को कहा है। जस्टिस गणेश राम मीणा ने यह आदेश पुलिस कांस्टेबल जोगेन्दर सिंह की पत्नी उषा की याचिका पर दिए।

याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता के पति जोगेन्दर सिंह भरतपुर में पुलिस कांस्टेबल हैं। वह 18 अगस्त 2024 को कार्य करते समय अचानक अस्वस्थ हो गए थे। उन्हें जयपुर रैफर किया गया और यहां उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया। इसके चलते वह 90 फीसदी स्थाई निशक्त हो गए और तब से ही कोमा में ही चल रहे हैं। उनका इलाज घर पर ही किया जा रहा है। इसके बावजूद जुलाई, 2025 से उसके पति को वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा। जिस कारण पूरा परिवार ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस संबंध में याचिकाकर्ता व उसके बेटे ने भरतपुर एसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर बकाया वेतन दिलवाने का आग्रह किया था, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। इसलिए राज्य सरकार व पुलिस विभाग को निर्देश दिया जाए कि वह याचिकाकर्ता के पति का वेतन भुगतान करें। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।