मावां-धीयां दी फौज: महिलाएं भरें फॉर्म, नशा तस्कर पहचान

मुक्तसर साहिब में महिलाओं की नशा विरोधी फौज तैयार

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने नशे के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अब महिलाओं को सीधे मैदान में उतारने की तैयारी की है। सोमवार को श्री मुक्तसर साहिब में ‘माई भागो मावां-धीयां दी फौज’ अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का मकसद नशे के कारोबार पर सीधा प्रहार करना है।

महिलाएं करेंगी तस्करों की पहचान

इस अभियान के तहत महिलाएं अपने गांव और मोहल्ले में नशा बेचने वालों की पहचान करेंगी। वे तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों के नाम भी सामने लाएंगी। माई भागो की धरती पर आयोजित महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। हरसिमरत बादल ने महिलाओं से अपील की कि वे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी दें। इसके लिए अभियान का एक फॉर्म जारी किया गया है। जो महिलाएं फॉर्म नहीं भर सकतीं, वे 8595170170 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अभियान से जुड़ सकती हैं।

‘गॉडफादर’ पर भी नजर

हरसिमरत बादल ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं रहना है। उन्हें उन लोगों की भी पहचान करनी है जो ऐसे कारोबार को संरक्षण देते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं से मिली जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि अकाली दल सरकार बनने पर एक महिला डीजीपी की अगुवाई में टास्क फोर्स गठित की जाएगी। यह टास्क फोर्स महिलाओं द्वारा चिन्हित किए गए नशा तस्करों और उनके कथित सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

नशे की आग घर तक पहुंच सकती है

हरसिमरत बादल ने महिलाओं से कहा कि नशे की समस्या को किसी दूसरे परिवार की परेशानी समझकर चुप नहीं बैठा जा सकता। जिस आग से आज किसी पड़ोसी का घर जल रहा है, वह कल उनके अपने घर तक भी पहुंच सकती है। पंजाब की महिलाएं अपने परिवार और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए एकजुट हों। उन्होंने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस अभियान में शामिल होने की अपील की। साथ ही हर गांव और मोहल्ले में एक ‘जत्था’ बनाने को कहा।

10 साल जेल और विशेष आयोग का दावा

हरसिमरत बादल ने कहा कि अकाली दल सरकार बनने पर नशे के खिलाफ सख्त कानून लाया जाएगा। दोषियों को बिना जमानत के 10 साल तक जेल में रखने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर भी निशाना साधा। महिलाओं को 60 हजार रुपए देने के वादे के बावजूद 3 हजार रुपए की किश्त जारी किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की गहन जांच की जरूरत है। उनकी सरकार बनने पर आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य से कथित तौर पर लूटी गई रकम पार्टी और उसके नेताओं से वसूल की जाएगी। कार्यक्रम में स्त्री अकाली दल की अध्यक्ष हरगोबिंद कौर और हलका इंचार्ज कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पंजाब में नशे के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच पंजाब सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक राज्य में नशा मुक्ति अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं यूएनओडीसी की रिपोर्ट भी नशे के खतरे को लेकर चेतावनी देती है। ऐसे में महिलाओं की भागीदारी इस लड़ाई में अहम मानी जा रही है।

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